
बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त: जांजगीर पुलिस ने कसा शिकंजा, स्कूली वाहनों की हुई सघन जांच, फिटनेस खत्म, सुरक्षा से समझौता करने वाले स्कूल वाहनों पर अब होगी सख्त कार्रवाई
89 वाहनों की जांच, 10 चालकों पर गिरी गाज
NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। 20 जून 2026। स्कूल खुलने से पहले बच्चों की सुरक्षा को लेकर जांजगीर-चांपा पुलिस और परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान चलाया है। बच्चों की जान को जोखिम में डालकर नियम विरुद्ध चल रहे स्कूली वाहनों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस लाइन खोखरा भांठा जांजगीर में विशेष जांच शिविर आयोजित किया गया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में 89 स्कूली बसों और वैनों की फिटनेस, दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई।
कागजों में कमी और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं
जांच के दौरान वाहनों के पंजीयन प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा, चालक लाइसेंस सहित सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। इसके साथ ही वाहनों में सीट बेल्ट, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा और फर्स्ट एड बॉक्स जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी परखा गया।
16 सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे तो ही बच्चों की सवारी
परिवहन विभाग की टीम ने प्रत्येक वाहन का निर्धारित 16 बिंदुओं पर भौतिक सत्यापन और तकनीकी निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और चालकों पर कार्रवाई की गई।
नियम तोड़ने वाले 10 चालकों पर कार्रवाई, वसूला गया 7000 रुपये जुर्माना
जांच में खामियां पाए जाने पर 10 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग द्वारा कुल 7000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
बच्चों को ढोने वाले चालकों की भी हुई परीक्षा
शिविर में वाहन चालकों और हेल्परों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चालकों का नेत्र परीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित किया कि वे सुरक्षित तरीके से बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने में सक्षम हैं या नहीं।
यातायात पुलिस की दो टूक: बच्चों की सुरक्षा से समझौता किया तो होगी कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार ने वाहन चालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, सीट बेल्ट का उपयोग करने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की हिदायत दी।
NTN रिपोर्ट की मुहिम का असर: पहले ही उठाया था स्कूली वाहनों की जांच का मुद्दा
गौरतलब है कि NTN रिपोर्ट द्वारा पूर्व में ही स्कूल खुलने से पहले स्कूली वाहनों की जांच की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया गया था। कई बार ऐसे मामले सामने आते रहे हैं जहां कुछ निजी स्कूलों द्वारा फिटनेस, बीमा और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले वाहनों का उपयोग किया जाता है और चालाकी करते हुए केवल उन्हीं वाहनों को जांच में भेजा जाता है जो जांच में पूरी तरह से खरे उतरते है और उन वाहनों को छुपा लिया जाता है जो लगभग जर्जर हो चुके होते है जिनका फिटनेस बीमा अन्य अहर्ताएं समाप्त हो चुकी होती है।
अब पुलिस और परिवहन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद सवाल यह है कि क्या सभी स्कूल संचालक नियमों का पालन करेंगे या फिर बच्चों की जान जोखिम में डालने का सिलसिला जारी रहेगा।
NTN रिपोर्ट इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए रखे है और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे को प्रमुखता से उठाता रहेगा।
जांच शिविर में उपस्थित रहे:
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार, जिला परिवहन विभाग की टीम, स्वास्थ्य विभाग से, यातायात शाखा से अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।