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राज्य/शहर

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: आरोप, राजनीति, ऑडिट और करोड़ों के दान का पूरा गणित!

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे पर सियासी संग्राम, ट्रस्ट ने सभी आरोपों को बताया निराधार

NTN REPORT// अयोध्या स्थित भगवान रामलला के भव्य मंदिर में चढ़ावे और दान राशि को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और करोड़ों रुपये गायब होने के आरोप लगाए जाने के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मंदिर की आय और दान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है तथा नियमित ऑडिट के दौरान अब तक किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने नहीं आई है।

प्रतीकात्मक एआई तस्वीर

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

विवाद की शुरुआत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट से हुई। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपये की रकम गायब पाई गई है और इस मामले में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति सफाई देने सामने नहीं आ रहा है।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं बल्कि दुनिया भर के करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग भी की।

आरोपों की टाइमलाइन

7 जून, दोपहर 3:54 बजे

अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपये की राशि गायब होने का आरोप लगाया और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

आम आदमी पार्टी की एंट्री

इसके बाद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने भी दान-पात्रों की गिनती और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने दान संग्रह और उसकी गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।

पवन पांडे का दावा

उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और अयोध्या से जुड़े नेता पवन पांडे ने आरोप लगाया कि दान राशि में लगभग 7.5 करोड़ रुपये तक की गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

चोरी की चर्चा ने बढ़ाया विवाद

इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय चर्चाओं में यह दावा सामने आया कि दान-पात्र से धन चोरी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा कुछ नकदी भी बरामद हुई है। हालांकि इन दावों को लेकर आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई।

ट्रस्ट की पहली प्रतिक्रिया

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी एवं निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्रदास ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी ने भगवान राम के धन के साथ गलत किया है तो भगवान स्वयं उसे दंडित करेंगे।

उन्होंने कहा कि मंदिर और उसकी व्यवस्था पर बिना प्रमाण आरोप लगाना उचित नहीं है।

चंपत राय ने जारी किया आधिकारिक बयान

विवाद बढ़ने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आधिकारिक बयान जारी किया।

उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की आय और दान राशि का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट कराया जाता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी भी शामिल रहते हैं। ऑडिट का कार्य कई दिनों तक चलता है और वर्तमान में भी नियमित ऑडिट प्रक्रिया जारी है।

चंपत राय के अनुसार अब तक किसी भी प्रकार की उल्लेखनीय वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी सामने नहीं आई है।

आखिर राम मंदिर में दान कैसे जमा होता है?

राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा कई माध्यमों से दान दिया जाता है।

1. दान-पात्र (Donation Boxes)

मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर दान-पात्र लगाए गए हैं, जिनमें श्रद्धालु नकद राशि जमा करते हैं।

2. ऑनलाइन दान

देश और विदेश के श्रद्धालु ट्रस्ट की अधिकृत वेबसाइट और बैंकिंग माध्यमों से ऑनलाइन दान कर सकते हैं।

3. चेक और बैंक ट्रांसफर

बड़ी राशि देने वाले दानदाता सीधे ट्रस्ट के बैंक खातों में धनराशि जमा कराते हैं।

4. विशेष अनुदान

कुछ उद्योगपति, धार्मिक संस्थाएं और सामाजिक संगठन विशेष परियोजनाओं के लिए अलग से सहयोग राशि भी प्रदान करते हैं।

दान की गणना कैसे होती है?

दान-पात्र खोले जाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत होती है।

  • ट्रस्ट के अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं।
  • बैंक अधिकारियों की उपस्थिति में राशि निकाली जाती है।
  • नोटों की मशीनों से गिनती होती है।
  • पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।
  • राशि सीधे बैंक में जमा की जाती है।
  • बाद में उसका ऑडिट और मिलान किया जाता है।

ट्रस्ट का दावा है कि इस प्रक्रिया में कई स्तरों की निगरानी होती है जिससे गड़बड़ी की संभावना न्यूनतम रहती है।

राम मंदिर को कितना चढ़ावा मिलता है?

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में दान भी प्राप्त होता है।

विभिन्न सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा के बाद शुरुआती महीनों में ही मंदिर को सैकड़ों करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ था। इसके अलावा सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी बड़ी मात्रा में चढ़ावे के रूप में मिली थीं।

विपक्ष के सवाल और ट्रस्ट की सफाई

विपक्षी दलों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये का दान एकत्र हो रहा है तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं ट्रस्ट का दावा है कि सभी वित्तीय प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार संचालित हो रही हैं और नियमित ऑडिट से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।

क्या होगी आगे की कार्रवाई?

फिलहाल मंदिर ट्रस्ट ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और कहा है कि चल रही ऑडिट प्रक्रिया पूरी होने के बाद तथ्य स्वतः सामने आ जाएंगे। दूसरी ओर विपक्षी दल स्वतंत्र जांच और अधिक पारदर्शिता की मांग पर कायम हैं।

अब सभी की निगाहें ऑडिट रिपोर्ट और संभावित प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितना तथ्य है और कितना राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा।

यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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