
मन्नत पूरी हुई तो शुरू हुआ आस्था का सफर, 63 साल की उम्र में 63वीं बार शिर्डी जाएंगे राजू थवाईत
साईं बाबा में अटूट श्रद्धा, हर यात्रा बनी आत्मिक शांति और विश्वास का प्रतीक
NTN REPORT// जांजगीर। जिला मुख्यालय जांजगीर से लगे ग्राम खोखरा निवासी एवं अमित मेडिकल स्टोर्स के संचालक राजू थवाईत की साईं बाबा के प्रति आस्था आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। 63 वर्ष की उम्र में वे अब अपने जीवन की 63वीं शिर्डी यात्रा पर निकलने जा रहे हैं। यह अनोखा संयोग उनके लिए बेहद खास और भावुक करने वाला है। वर्षों से लगातार शिर्डी जाकर साईं बाबा के दर्शन करना अब उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
वर्ष 2007 में मांगी थी मन्नत, पूरी होने के बाद बढ़ी श्रद्धा
राजू थवाईत बताते हैं कि वर्ष 2007 उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दौर था। उस समय उन्होंने घर पर रहकर ही साईं बाबा से मन ही मन एक मन्नत मांगी थी। कुछ समय बाद उनकी वह इच्छा पूरी हो गई। इसके बाद उनके मन में साईं बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा और विश्वास जाग गया। इसी आस्था के चलते वर्ष 2008 में वे पहली बार शिर्डी पहुंचे और बाबा के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
पहली यात्रा ने बदल दी जिंदगी की सोच
राजू थवाईत के अनुसार, पहली बार शिर्डी पहुंचने के बाद उन्हें जो आत्मिक शांति और मानसिक सुकून मिला, उसने उनके जीवन की सोच ही बदल दी। बाबा के दरबार में बिताए गए पल उनके लिए बेहद खास रहे। उन्होंने महसूस किया कि वहां पहुंचते ही मन की बेचैनियां दूर हो जाती हैं और एक अलग सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। यही कारण रहा कि पहली यात्रा के बाद शिर्डी जाना उनके जीवन की नियमित परंपरा बन गई।
हर साल चार से पांच बार करते हैं शिर्डी यात्रा
धीरे-धीरे यह सिलसिला इतना बढ़ा कि अब राजू थवाईत हर साल चार से पांच बार शिर्डी की यात्रा करते हैं। कई बार वे परिवार के साथ भी बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं। उनका कहना है कि शिर्डी पहुंचने के बाद उन्हें ऐसा महसूस होता है मानो जीवन की सारी परेशानियां कुछ समय के लिए खत्म हो गई हों। बाबा के दर्शन से उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा मिलती है।
19 मई को 63वीं यात्रा के लिए होंगे रवाना
इस बार की यात्रा उनके लिए इसलिए भी बेहद खास है, क्योंकि उनकी उम्र 63 वर्ष है और यह उनकी 63वीं शिर्डी यात्रा होगी। आगामी 19 मई 2026 को वे ट्रेन से शिर्डी के लिए रवाना होंगे। इस विशेष संयोग को लेकर वे काफी उत्साहित हैं और इसे अपने जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक मानते हैं।
गांव में चर्चा का विषय बनी अनोखी भक्ति
राजू थवाईत की इस अनोखी श्रद्धा और समर्पण की चर्चा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी होती है। स्थानीय लोग उन्हें साईं बाबा का सच्चा भक्त मानते हैं। वर्षों से लगातार शिर्डी यात्रा करना लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है। उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास की मिसाल भी है, जो व्यक्ति को भीतर से मजबूत और सकारात्मक बनाता है।
आस्था से जुड़ा ऐसा सफर, जो देता है आत्मिक सुकून
राजू थवाईत की कहानी यह साबित करती है कि जब किसी व्यक्ति की श्रद्धा दिल से जुड़ जाती है, तब हर यात्रा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहती, बल्कि आत्मा को सुकून देने वाली अनुभूति बन जाती है। साईं बाबा के प्रति उनकी अटूट आस्था आज भी उसी विश्वास और समर्पण के साथ कायम है, जिसने वर्षों पहले उनके जीवन को नई दिशा दी थी।