डॉलर बचाने की कवायद तेज: सोना महंगा, विदेशी उड़ानों में कटौती और छोटे हुए वीआईपी काफिले
NTN REPORT// नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव और डॉलर की बढ़ती मांग के बीच केंद्र सरकार ने खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं। सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से लेकर एयर इंडिया द्वारा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती और नेताओं के काफिलों को छोटा करने तक, सरकार अब “सेव डॉलर मिशन” मोड में नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सादगी की पहल करते हुए अपने काफिले का आकार कम किया है और मंत्रियों से भी अनावश्यक खर्च घटाने की अपील की है।

प्रधानमंत्री ने दिया सादगी और बचत का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मंत्रिमंडल सहयोगियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, विदेश यात्राओं में कटौती करने और छोटे काफिले रखने की अपील की। जानकारी के अनुसार हाल ही में गुजरात और असम दौरों के दौरान प्रधानमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या कम रखी गई।
बताया गया कि प्रधानमंत्री अपने आवास से प्रधानमंत्री कार्यालय केवल दो गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे, जबकि सामान्य तौर पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में 14 से 17 वाहन शामिल रहते हैं। कई बार सुरक्षा कारणों से यह संख्या 30 से 40 तक भी पहुंच जाती है।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने जहां संभव हो, वहां नई खरीद से बचते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को भी सरकारी काफिलों में शामिल करने का सुझाव दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह “मितव्ययिता अभियान” नहीं बल्कि संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की पहल है।
कई राज्यों ने भी शुरू किया खर्च कटौती अभियान
उत्तर प्रदेश में 50% तक घटेंगे काफिले
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों का आकार 50 प्रतिशत तक कम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से ईंधन बचाने और अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचने की अपील भी की गई है। कई विधायकों ने अपनी एस्कॉर्ट गाड़ियां वापस करना शुरू कर दिया है। लखनऊ की मेयर ने भी दो सरकारी गाड़ियों में से एक लौटाने का फैसला लिया है।
महाराष्ट्र में विदेशी दौरे और सरकारी विमान पर रोक
महाराष्ट्र सरकार ने विशेष परिस्थितियों को छोड़कर मंत्रियों के सरकारी विमान उपयोग पर रोक लगा दी है। अब इसके लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। कई मंत्रियों के विदेशी दौरे भी रद्द कर दिए गए हैं। सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने कान्स फिल्म फेस्टिवल के लिए प्रस्तावित फ्रांस यात्रा स्थगित कर दी है।
दिल्ली में कारपूलिंग और मेट्रो को बढ़ावा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि मंत्री और अधिकारी कम से कम गाड़ियों का उपयोग करेंगे। सरकार ने कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की बात कही है। इसके बाद कई मंत्री प्रतीकात्मक रूप से मेट्रो में सफर करते नजर आए।
गुजरात में हेलीकॉप्टर के बजाय ट्रेन और बस
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अमरेली दौरे पर केवल तीन गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे। राज्य के कुछ मंत्रियों ने एस्कॉर्ट वाहन छोड़ने का निर्णय लिया है। वहीं राज्यपाल ने कार्यक्रमों के लिए हेलीकॉप्टर के उपयोग से दूरी बनाते हुए ट्रेन और बस से यात्रा करने का फैसला किया है।
मध्य प्रदेश में भी सादगी पर जोर
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी गई है। सरकार ने मंत्रियों और बोर्ड-निगम पदाधिकारियों को बड़े जुलूस और वाहन रैलियों से बचने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में एक बड़े वाहन काफिले को लेकर हुए विवाद के बाद सरकार ने सादगी और ईंधन बचत को प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं।
सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15%
केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। सरकार ने इस फैसले को विदेशी मुद्रा बचाने और डॉलर पर बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में जरूरी कदम बताया है।
नई व्यवस्था के तहत सोने और चांदी पर 10 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत सेस लगाया गया है। इसका सीधा असर ज्वेलरी बाजार और ग्राहकों पर पड़ेगा, क्योंकि अब सोना-चांदी और उससे बने गहने महंगे हो जाएंगे।
भारत का गोल्ड इंपोर्ट लगातार बढ़ रहा है और वर्ष 2025-26 में यह 71 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। कच्चे तेल के बाद सोना देश के इंपोर्ट बिल पर सबसे बड़ा बोझ बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ने से घरेलू बाजार में सोने की मांग घट सकती है और ज्वेलरी कारोबार प्रभावित हो सकता है। हालांकि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और रुपये पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
सोने पर ड्यूटी में कब-कब हुआ बदलाव
- जुलाई 2019: आयात शुल्क 10% से बढ़ाकर 12.5% किया गया।
- बजट 2021: शुल्क घटाकर 7.5% किया गया, प्रभावी शुल्क करीब 10.75% रहा।
- जुलाई 2022: रूस-यूक्रेन युद्ध और रुपये की कमजोरी के बीच शुल्क 15% किया गया।
- जुलाई 2024: तस्करी रोकने और ज्वेलरी उद्योग को राहत देने के लिए शुल्क घटाकर 6% किया गया।
- 13 मई 2026: विदेशी मुद्रा संकट और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए शुल्क फिर 15% कर दिया गया।
एयर इंडिया ने घटाईं विदेशी उड़ानें
बढ़ती ईंधन लागत और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेजी के बीच एयर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटाने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था के तहत एयर इंडिया हर सप्ताह उत्तरी अमेरिका के लिए 33, यूरोप के लिए 47, यूनाइटेड किंगडम के लिए 57 और ऑस्ट्रेलिया के लिए 8 उड़ानें संचालित करेगी। इसके अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया, सुदूर पूर्व और SAARC देशों के लिए 158 तथा मॉरीशस और अफ्रीका के लिए 7 साप्ताहिक उड़ानें जारी रहेंगी।
एयरलाइंस संगठन FIA ने पहले ही सरकार को चेतावनी दी थी कि बढ़ती ईंधन लागत के कारण कई एयर रूट आर्थिक दबाव में आ गए हैं।
अमूल और मदर डेयरी का दूध ₹2 महंगा
देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें 14 मई से लागू हो गई हैं।
कंपनियों का कहना है कि पशु चारा, परिवहन और खरीद लागत में बढ़ोतरी के कारण कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। इससे विभिन्न लिक्विड दूध वेरिएंट अब पहले की तुलना में महंगे मिलेंगे।
डॉलर बचाने पर सरकार का पूरा फोकस
सरकार का मानना है कि बढ़ते इंपोर्ट बिल, वैश्विक संकट और रुपये पर दबाव के बीच देश को विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। इसी वजह से अब सरकार केवल खर्च घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन, सीमित विदेशी दौरे और आयात नियंत्रण जैसे उपायों पर जोर दे रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में सरकार और भी ऐसे फैसले ले सकती है, जिनका उद्देश्य डॉलर की बचत और घरेलू अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखना होगा।