RAMageddon का असर: भारत में तेजी से महंगे हो रहे स्मार्टफोन, AI कंपनियों की वजह से बढ़ा संकट!
NTN REPORT// अगर आपको लग रहा है कि पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन अचानक महंगे हो गए हैं, तो यह सिर्फ आपका भ्रम नहीं है. भारत में OnePlus, Nothing, Redmi, Realme, Motorola समेत कई कंपनियों ने अपने स्मार्टफोन्स की कीमतों में चुपचाप बढ़ोतरी शुरू कर दी है. कुछ मॉडल 2 हजार रुपये तक महंगे हुए हैं, जबकि कई फ्लैगशिप फोन्स की कीमतें सीधे 5 से 6 हजार रुपये तक बढ़ चुकी हैं।

टेक इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है. आने वाले महीनों में स्मार्टफोन की कीमतों में और बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है RAM और स्टोरेज चिप्स की वैश्विक कमी, जिसे टेक इंडस्ट्री में अब “RAMageddon” कहा जा रहा है.
क्या है RAMageddon?
RAMageddon उस स्थिति को कहा जा रहा है, जहां दुनिया भर में RAM और NAND स्टोरेज चिप्स की भारी कमी हो गई है. यही चिप्स स्मार्टफोन, लैपटॉप, गेमिंग कंसोल, सर्वर और AI डेटा सेंटर में इस्तेमाल होते हैं.
पहले इन चिप्स का बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए तैयार किया जाता था, लेकिन अब AI सेक्टर की तेजी से बढ़ती मांग ने पूरा संतुलन बिगाड़ दिया है.
AI कंपनियां बनीं सबसे बड़ी वजह
OpenAI, Google, Microsoft और Meta जैसी बड़ी कंपनियां दुनिया भर में विशाल AI डेटा सेंटर बना रही हैं. इन डेटा सेंटर को चलाने के लिए हाई-एंड मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है.
यही वजह है कि चिप बनाने वाली कंपनियां अब अपना बड़ा प्रोडक्शन AI इंडस्ट्री की तरफ मोड़ रही हैं. इससे स्मार्टफोन कंपनियों के लिए RAM और स्टोरेज चिप्स महंगे हो गए हैं.
टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक पिछले एक साल में कई मेमोरी चिप्स की कीमतों में कई गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
Nothing के CEO ने पहले ही दी थी चेतावनी
Nothing के CEO Carl Pei ने कुछ महीने पहले खुलकर कहा था कि DRAM और NAND मेमोरी की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. उनके मुताबिक कंपनियों के पास इस बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं बचा है.
इसी कारण अब कंपनियां धीरे-धीरे अपने फोन्स की कीमतें बढ़ा रही हैं.
किन स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ीं?
भारत में कई लोकप्रिय स्मार्टफोन मॉडल अब लॉन्च प्राइस से काफी महंगे हो चुके हैं.
OnePlus
- OnePlus 15 की शुरुआती कीमत करीब 72,999 रुपये थी
- अब इसकी कीमत लगभग 77,999 रुपये तक पहुंच गई है
OnePlus 15R
- लॉन्च के मुकाबले करीब 5 हजार रुपये तक महंगा हो चुका है
Nothing Phone 4a Pro
- शुरुआती कीमत 39,999 रुपये थी
- अब इसकी कीमत लगभग 44,999 रुपये तक पहुंच गई है
Redmi और Realme
- कई मॉडल 2 हजार से 5 हजार रुपये तक महंगे हुए हैं
अब बजट फोन भी नहीं बचेंगे
अब तक फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स में कीमत बढ़ने का असर ज्यादा दिख रहा था, लेकिन अब मिड-रेंज और बजट सेगमेंट भी प्रभावित होने लगा है.
पहले 20 से 30 हजार रुपये वाले सेगमेंट में कंपनियां बेहद आक्रामक प्राइसिंग करती थीं. कम कीमत में ज्यादा RAM, ज्यादा स्टोरेज और बेहतर कैमरा दिए जाते थे.
लेकिन अब कंपनियों के लिए वही कीमत बनाए रखना मुश्किल हो गया है.
खत्म हो सकता है “कम दाम में ज्यादा फीचर्स” वाला दौर
2016 से 2023 के बीच भारत में स्मार्टफोन लगातार सस्ते होते गए थे. 10 हजार रुपये वाले फोन में भी 5G, 8GB RAM और बड़ी बैटरी मिलने लगी थी.
लेकिन अब यह ट्रेंड धीमा पड़ता दिख रहा है. बढ़ती लागत की वजह से कंपनियां कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं.
2026 में और महंगे हो सकते हैं फोन
Counterpoint Research के मुताबिक 2026 में स्मार्टफोन की एवरेज सेल वैल्यू करीब 7 प्रतिशत तक बढ़ सकती है.
इसका मतलब है कि कंपनियां धीरे-धीरे हर प्राइस सेगमेंट में कीमतें ऊपर ले जा रही हैं. इसका असर सिर्फ नए लॉन्च पर नहीं, बल्कि पुराने मॉडल्स पर भी पड़ेगा.
रिटेलर्स का कहना है कि नई सप्लाई पहले के मुकाबले ज्यादा कीमत पर आ रही है. ऐसे में पुराने मॉडल भी आने वाले समय में महंगे हो सकते हैं.
क्या 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं कीमतें?
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अगर RAM और NAND चिप्स की कमी लंबे समय तक बनी रही, तो अगले एक-दो साल में कई डिवाइसेज 20 से 40 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं.
सबसे ज्यादा असर उन स्मार्टफोन्स पर पड़ेगा जिनमें 12GB, 16GB RAM और 512GB तक स्टोरेज दिया जाता है. क्योंकि यही कंपोनेंट अब सबसे महंगे हो चुके हैं.
Samsung ने भी माना बढ़ रही है लागत
Samsung के मोबाइल हेड TM Roh भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से स्मार्टफोन कंपोनेंट्स की कीमतें बढ़ रही हैं.
यानी अब AI सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं बदल रहा, बल्कि सीधे आपके अगले स्मार्टफोन की कीमत भी तय कर रहा है.
बजट सेगमेंट पर सबसे बड़ा खतरा
एक बड़ा बदलाव यह भी हो सकता है कि कंपनियां अब सस्ते मॉडल कम लॉन्च करें.
कम मार्जिन वाले बजट स्मार्टफोन्स में बढ़ती लागत को संभालना कंपनियों के लिए मुश्किल हो रहा है. ऐसे में आने वाले समय में कंपनियां प्रीमियम स्मार्टफोन्स पर ज्यादा फोकस कर सकती हैं.
भारत जैसे बाजार में इसका असर ज्यादा दिख सकता है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा बिक्री 15 से 30 हजार रुपये वाले स्मार्टफोन्स की होती है.
लोग ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर रहे पुराने फोन
स्मार्टफोन लगातार महंगे होने की वजह से अब कई लोग अपने पुराने डिवाइस ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं.
इसके साथ ही रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन बाजार भी तेजी से बढ़ सकता है क्योंकि नए फोन्स की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं.
2027 तक जारी रह सकता है संकट
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही है कि यह संकट जल्दी खत्म होता नहीं दिख रहा.
मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियां नई फैक्ट्रियां तैयार कर रही हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि सप्लाई सामान्य होने में 2027 या उससे ज्यादा समय लग सकता है.
AI का दौर और महंगे होते स्मार्टफोन
AI टेक्नोलॉजी ने दुनिया को तेजी से बदलना शुरू कर दिया है. लेकिन इसका असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है.
जो AI कंपनियां भविष्य की तकनीक बना रही हैं, वही अप्रत्यक्ष रूप से स्मार्टफोन को महंगा भी बना रही हैं.
ऐसे में आने वाले समय में स्मार्टफोन खरीदना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा सौदा साबित हो सकता है।