
NTN NEWS REPORT// 26 वर्ष पुराने गृह निर्माण ऋण गबन प्रकरण में जांच एजेंसी को बड़ी सफलता मिली है। अपराध क्रमांक 19/2000 में आज 04 अप्रैल 2026 को सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निवरा को गिरफ्तार किया गया है। मामले में पूर्व में 18 मार्च 2026 को दो अन्य आरोपियों – आवासदास माधवानी और बसंत कुमार साहू को गिरफ्तार किया जा चुका है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 1995 से 1998 के बीच संचालित सरकारी आवासीय योजना से जुड़ा है। शासन द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों को मकान निर्माण हेतु ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी।
जांच में सामने आया कि ‘आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर’ के 186 सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई थी। कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपये का गृह निर्माण ऋण मंजूर किया गया।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
भौतिक सत्यापन के दौरान पाया गया कि जिन स्थानों पर मकान निर्माण दर्शाया गया था, वहां न तो कोई मकान निर्मित मिला और न ही संबंधित ऋणधारी मौजूद पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर कूट रचित दस्तावेज, फर्जी प्रमाण पत्र और अन्य जाली कागजात तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत कराकर राशि का गबन किया गया।
आरोप है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से सहकारी आवास संघ की राशि का बंदरबांट कर आपस में वितरित कर लिया।
किन धाराओं में मामला दर्ज
प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 406, 409, 420, 467, 468, 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(सी) एवं 13(2) के तहत अपराध दर्ज है।
आरोपियों की भूमिका
जांच में पाया गया कि ‘आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर’ के तत्कालीन अध्यक्ष आवासदास माधवानी, ‘सहकारी आवास संघ मर्यादित रायपुर’ के तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत कुमार साहू और ‘सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल’ के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निवरा ने मिलकर षड्यंत्रपूर्वक फर्जी ऋण प्रकरण तैयार किए।
प्रबंधक के पद पर रहते हुए प्रदीप कुमार निवरा द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर फर्जी लोन दस्तावेज तैयार कराए गए और लाखों रुपये की राशि आहरित की गई।
दो आरोपियों की हो चुकी है मृत्यु
प्रकरण में नामजद दो अन्य आरोपियों की मृत्यु पूर्व में हो चुकी है। हालांकि जांच एजेंसी द्वारा शेष आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी है।
पुलिस रिमांड पर भेजा गया
गिरफ्तार आरोपी प्रदीप कुमार निवरा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 07 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
जांच एजेंसी अब मामले में अन्य संभावित पहलुओं और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।
इस कार्रवाई को लंबे समय से लंबित आर्थिक अपराध के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।