
DMF फंड घोटाला प्रकरण: आरोपी सतपाल छाबड़ा गिरफ्तार, 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड
NTN REPORT// रायपुर, 19 फरवरी 2026। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) फंड में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े बहुचर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसीबी/ईओडब्ल्यू ने आरोपी सतपाल छाबड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई ब्यूरो के अपराध क्रमांक 02/2024 में दर्ज प्रकरण के तहत की गई है।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 एवं 12 के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी, 467, 468 और 471 के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।
कृषि अनुदान कार्यों में वित्तीय अनियमितता का खुलासा
जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि DMF फंड से संचालित कृषि अनुदान से जुड़े कार्यों में नियमों का उल्लंघन किया गया। जांच में सामने आया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी की गई, जिससे शासन को गंभीर आर्थिक क्षति हुई।
सिंडिकेट बनाकर किया गया भ्रष्टाचार
प्रारंभिक जांच में यह भी उजागर हुआ है कि आरोपी ने शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों और व्यापारियों के साथ मिलकर एक संगठित सिंडिकेट के रूप में कार्य किया। इस गठजोड़ के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में हेरफेर कर अवैध लाभ अर्जित किया गया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने कई करोड़ रुपये की अवैध कमीशन राशि नकद एवं अपने नातेदारों के बैंक खातों में प्राप्त की।
डिजिटल साक्ष्यों से मिली पुष्टि
जांच एजेंसी द्वारा वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य और संबंधित दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई, जिसमें आरोपी की संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण मिले। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर विधि-सम्मत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर 19 फरवरी 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
25 फरवरी तक पुलिस रिमांड
न्यायालय ने आरोपी सतपाल छाबड़ा को 25 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दी है। मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका और संबंधित पहलुओं की भी विस्तृत जांच जारी है।
यह प्रकरण DMF फंड के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जांच एजेंसियां मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।