
हसदेव विहार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बनी प्रशासनिक लापरवाही का शिकार! मेंटेनेंस से मुंह मोड़ते विभाग, करोड़ों के काम में ठेकेदार को खुली छूट…
सीवर के नीचे पेयजल पाइपलाइन डालकर आमजन की जान से खिलवाड़!
NTN NEWS REPORT// जांजगीर। हसदेव विहार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी आज बदहाली, अव्यवस्था और जिम्मेदार विभागों की लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। यहां हर दिन कोई न कोई गंभीर समस्या खड़ी हो रही है। सीवर लाइन, साफ-सफाई, जर्जर पुलिया, घरों में पानी नहीं चढ़ने और उजड़े गार्डन जैसी समस्याएं अब आम हो चुकी हैं, लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
हैंडओवर के नाम पर जिम्मेदारी से पलायन
कॉलोनी के रख-रखाव को लेकर हाउसिंग बोर्ड और नगर पालिका के बीच वर्षों से चल रही खींचतान ने कॉलोनीवासियों को बीच मझधार में ला खड़ा किया है। हाउसिंग बोर्ड ने करीब चार वर्ष पहले मेंटेनेंस बंद कर दिया, वहीं नगर पालिका यह कहकर पीछे हट गई कि हैंडओवर की शर्तें पूरी नहीं हुईं। नतीजा यह है कि कॉलोनी आज “ना इधर के, ना उधर के” हालात में पहुंच चुकी है।
जल आवर्धन योजना या खुली तबाही?
पिछले एक सप्ताह से नगर पालिका द्वारा जल आवर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन यह कार्य जनहित नहीं बल्कि जन-पीड़ा बनता जा रहा है।
पहले से ही जर्जर सड़कों को ठेकेदार द्वारा बेहिसाब खुदाई कर पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। खुदाई के बाद न तो सड़कों की मरम्मत की जा रही है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं।
पानी के लिए त्राहिमाम, तीन दिनों से सूखे नल
पाइपलाइन बिछाने के दौरान पुरानी पाइपलाइनों को तोड़ दिया गया। मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हुए अस्थायी जोड़ लगाए गए, जिससे कई स्थानों पर लीकेज शुरू हो गया।
स्थिति यह है कि कॉलोनी के कई घरों में तीन-तीन दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है, लेकिन न ठेकेदार सुन रहा है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी।
सीवर के नीचे पेयजल लाइन: हादसे को खुला न्योता
सबसे गंभीर और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि सीवर लाइन की नाली के ठीक नीचे से पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा रही है। खुदाई के दौरान साफ-साफ दिखाई दे रहा था कि सीवर और पेयजल लाइन दोनों में लीकेज मौजूद है, इसके बावजूद बिना सुधार के पाइपलाइन को ढक दिया गया। यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसी है। इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई जनहानि की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं है और यहां वही गलती दोहराई जा रही है।
विरोध करने पर ठेकेदार की धमकी
कॉलोनीवासियों ने जब अधिकारियों से मांग की कि पाइपलाइन बिछाते समय टूट-फूट की मरम्मत की जाए, तो ठेकेदार ने पूरी कॉलोनी को चारों ओर से खोद दिया। मरम्मत की बात करने पर ठेकेदार द्वारा काम छोड़कर चले जाने की धमकी दी जा रही है। सवाल यह है कि क्या जनता की सुविधा ठेकेदार की मर्जी पर निर्भर है?

करोड़ों के काम में तत्पर, जिम्मेदारी में नदारद
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि हाउसिंग बोर्ड और नगर पालिका हैंडओवर की बात आते ही पीछे हट जाते हैं, लेकिन करोड़ों रुपये के काम के नाम पर उसी कॉलोनी में ठेकेदार को खुली छूट दे दी जाती है। यह दोहरा रवैया प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कलेक्टर और नगर पालिका प्रमुख को अवगत, कार्रवाई का इंतजार
इस पूरे मामले की जानकारी जिला कलेक्टर और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दी जा चुकी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कब और क्या ठोस कार्रवाई करते हैं।
निगरानी में गुणवत्तापूर्ण कार्य की मांग
कॉलोनीवासियों की स्पष्ट मांग है कि पाइपलाइन और सड़क मरम्मत का कार्य जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में, मानकों के अनुसार और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जाए। यदि समय रहते इस अव्यवस्था पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले समय में इसकी कीमत आम नागरिकों को अपनी सेहत और जान से चुकानी पड़ सकती है।