
सीएसपीडीसीएल में रिश्वत का गोरखधंधा बेनकाब, सहायक अभियंता 50 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर 80 हजार की मांग, पहले 30 हजार वसूले, दूसरी किश्त लेते ही एसीबी का शिकंजा
NTN NEWS REPORT// भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर ने सीएसपीडीसीएल, दीपका (विद्युत विभाग) में पदस्थ सहायक अभियंता सत्येंद्र दिवाकर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रिश्वतखोर अफसरों के लिए सख्त चेतावनी है कि अब भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।
मामले का पूरा घटनाक्रम:
प्रार्थी श्यामता टंडन, निवासी ग्राम रलिया, जिला कोरबा ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार ग्राम दर्री, जिला कोरबा में उसके मित्र के पिता के नाम कृषि भूमि है, जहां ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए अधिकृत किए जाने पर आवेदन सीएसपीडीसीएल, दीपका में दिया गया। आवेदन के बाद सहायक अभियंता सत्येंद्र दिवाकर द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के बाद ट्रांसफार्मर लगाने की वैधानिक प्रक्रिया के नाम पर चालान-पटान के अतिरिक्त “नाश्ता-पानी” के बहाने 80,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई। इस अवैध मांग के तहत पहले 30,000 रुपये आरोपी ने एडवांस के रूप में ले लिए।
ट्रैप कार्रवाई:
प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। आज दिनांक 28.01.2026 को आरोपी सहायक अभियंता सत्येंद्र दिवाकर को प्रार्थी से दूसरी किश्त 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
कानूनी कार्रवाई:
आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्यवाही जारी है।
कड़ा संदेश:
यह कार्रवाई उन सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सख्त चेतावनी है जो जनता के काम रोककर रिश्वत की वसूली को अपना अधिकार समझते हैं। अब भ्रष्टाचार करने वालों पर सीधा शिकंजा कसा जाएगा—न कोई बहाना चलेगा, न कोई सौदेबाजी। यदि किसी भी विभाग में रिश्वत की मांग की जाती है, तो चुप न बैठें। सीधे एसीबी में शिकायत करें। कानून अब रिश्वतखोरों के पीछे है, जनता के साथ है।