
नगर पंचायत मल्हार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन ठेका घोटाला: दो सीएमओ, दो उप अभियंता और एक केशियर निलंबित
NTN NEWS REPORT// रायपुर। बिलासपुर जिले की नगर पंचायत मल्हार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए मिनी टिपर क्रय एवं ठेका प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
15वें वित्त आयोग मद के तहत हुए ठेके में मिली गड़बड़ी
यह कार्रवाई 15वें वित्त आयोग मद (टाइड फंड) के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु दो नग मिनी टिपर क्रय और संबंधित कार्य के लिए किए गए ठेके की पात्रता जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद की गई है। दिनांक 6 नवंबर 2024 को निविदा के माध्यम से आमंत्रित फर्मों की प्रारंभिक जांच में नियमों की अनदेखी करते हुए तीन अपात्र फर्मों को पात्र और तीन पात्र फर्मों को अपात्र घोषित कर दिया गया था।
रिश्वत लेकर मनचाही फर्मों को ठेका देने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित अधिकारियों पर रिश्वत लेकर चहेती फर्मों को ठेका देने का गंभीर आरोप है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के अंतर्गत इसे गंभीर कदाचार मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबित अधिकारी
निलंबन की कार्रवाई जिन अधिकारियों पर की गई है, उनमें शामिल हैं—
- किरण पटेल – तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, मल्हार
(वर्तमान पदस्थापना: नगर पंचायत गुंडरदेही) - मनीष ठाकुर – प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी, मल्हार
- के. एन. उपाध्याय – उप अभियंता
- जोयस तिग्गा – उप अभियंता
(वर्तमान पदस्थापना: नगर पालिका अकलतरा) - अर्जुन दास – तत्कालीन केशियर / प्रभारी लिपिक, लोक निर्माण शाखा
(वर्तमान पदस्थापना: नगर पंचायत राहोद)
निलंबन अवधि में मुख्यालय और भत्ता निर्धारित
निलंबन अवधि के दौरान सभी निलंबित अधिकारियों का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है।
इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
मंत्रालय स्तर से हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय द्वारा की गई है। मामले में आगे विभागीय जांच जारी रहने की संभावना है।
देखिए आदेश…

