
धान उपार्जन केंद्र गोधना में अव्यवस्था के आरोप, किसानों ने उठाए तौल और प्रबंधन पर सवाल!
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा। जिले के धान उपार्जन केंद्र गोधना में व्यवस्थाओं को लेकर किसानों के बीच असंतोष की स्थिति बनती नजर आ रही है। स्थानीय किसानों द्वारा चर्चा के दौरान आरोप लगाए गए हैं कि केंद्र में धान तौल एवं रख-रखाव को लेकर तय मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है।
निर्धारित मात्रा से अधिक धान लिए जाने की शिकायत
मंगलवार को ग्राम गोधना के कुछ किसानों ने बताया कि उपार्जन केंद्र में उनसे निर्धारित मात्रा से एक से दो किलो अधिक धान लिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस विषय में आपत्ति जताने पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। किसानों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक कांटा में माइनस एडजस्टमेंट कर अतिरिक्त तौल की जा रही है। हालांकि, किसानों ने इस संबंध में किसी अधिकारी का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया है।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि किसानों से केवल निर्धारित मात्रा में ही धान की खरीदी की जाए।
खरीदी प्रभारी की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा में है कि धान उपार्जन केंद्र गोधना में खरीदी प्रभारी और संबंधित प्रबंधन कर्मी अक्सर केंद्र पर मौजूद नहीं रहते। किसानों का कहना है कि केंद्र का संचालन अधिकांश समय अन्य कर्मचारियों या स्थानीय स्तर पर कार्यरत लोगों के भरोसे चलता है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन रही है।
धान की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता
धान उपार्जन केंद्रों के रख-रखाव एवं सुरक्षा के लिए शासन द्वारा प्रत्येक केंद्र को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके बावजूद गोधना केंद्र में धान को सीधे जमीन पर स्टॉक किए जाने की बात सामने आई है।किसानों का कहना है कि यदि बेमौसम बारिश होती है तो इससे धान खराब होने का खतरा बना रहेगा, जिससे शासन और किसानों दोनों को नुकसान हो सकता है।
प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
इस पूरे मामले पर सहकारी संस्थाएं की उपायुक्त मंजू पाण्डेय ने कहा कि जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों को शासन द्वारा तय मानकों के अनुरूप संचालन के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी केंद्र में लापरवाही या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी जांच कराई जाएगी और जांच में दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।