
राष्ट्रीय पेंशनर दिवस पर रायगढ़ में ऐतिहासिक आयोजन 500 से अधिक पेंशनरों का सम्मान, 10वां प्रांतीय सम्मेलन संपन्न
NTN NEWS REPORT//रायगढ़/जांजगीर। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ (पं.क. 5969) के प्रांतीय निकाय द्वारा राष्ट्रीय पेंशनर दिवस के अवसर पर संघ का 10वां प्रांतीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह जिला मुख्यालय रायगढ़ स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज ऑडिटोरियम में भव्य, गरिमामय एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सैकड़ों वरिष्ठ पेंशनरों सहित 500 से अधिक पेंशनरों को साल, श्रीफल, चंदन वंदन एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क मेडिकल चेकअप, आयुर्वेदिक दवा वितरण तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा स्टीक वितरण की विशेष व्यवस्था की गई।
दो सत्रों में संपन्न हुआ सम्मेलन : सम्मेलन का आयोजन दो सत्रों में किया गया। प्रथम संगठनात्मक सत्र का शुभारंभ अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शालिक माऊलीकर, प्रांतीय अध्यक्ष आर.के. थवाईत एवं कार्यक्रम संयोजक देवेन्द्र कुमार पटेल द्वारा संघ ध्वजारोहण के साथ किया गया। इस अवसर पर देश के वीर शहीद रायगढ़ के सपूत शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी सहित दिवंगत कर्मचारी नेताओं स्व. ए.एस. जूलू, राजीव रत्न चौबे एवं एस.पी. सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
पेंशनरों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक उठाने का संकल्प : राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शालिक माऊलीकर ने संगठनात्मक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के पेंशनरों से जुड़ी सभी राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाकर उनके निराकरण हेतु अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संगठन को और सशक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक नए सदस्यों को जोड़ने का आह्वान किया।
प्रांतीय अध्यक्ष आर.के. थवाईत ने अपने उद्बोधन में प्रदेश के लगभग 4 लाख पेंशनरों से जुड़ी राज्य एवं केंद्र सरकार से संबंधित प्रमुख समस्याओं को विस्तार से रखा। इनमें प्रमुख रूप से— केंद्रीय दर एवं देय तिथि से महंगाई राहत प्रदान करने एवं लंबित 3% स्वीकृति , राज्य पुनर्गठन 2000 की धारा 49(6) के अंतर्गत म.प्र. से सहमति लेने की प्रक्रिया समाप्त करने , 65 वर्ष की आयु पर 10% एवं 75 वर्ष की आयु पर 20% पेंशन वृद्धि, मेडिकल भत्ता 3000 रुपये स्वीकृत करने एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रारंभ करने, मान्यता प्राप्त अस्पतालों में उपचार सुविधा, चिकित्सा प्रतिपूर्ति नियमों में सुधार, रेल यात्रा में पूर्ववत छूट, पेंशनर कल्याण मंडल का गठन, निःशुल्क तीर्थ यात्रा सुविधा एवं प्रत्येक जिले में पेंशनर सामुदायिक भवन हेतु शासकीय भूमि , जैसी मांगें शामिल रहीं।
इन सभी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपस्थित जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम सौंपा गया।
द्वितीय सत्र में जनप्रतिनिधियों ने दिया आश्वासन : सम्मेलन के द्वितीय सत्र के मुख्य अतिथि महापौर जीवर्धन चौहान रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल एवं सभापति डिग्री लाल साहू उपस्थित रहे। सत्र की अध्यक्षता आर.के. थवाईत ने की। स्वागत भाषण जिलाध्यक्ष गोपाल नायक द्वारा प्रस्तुत किया गया।
महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि पेंशनरों एवं वरिष्ठ नागरिकों के हित में निगम एवं राज्य शासन पूरी तरह संवेदनशील है। पेंशनरों की मांगों के समाधान हेतु मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से चर्चा कर निराकरण का आश्वासन दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सभापति द्वारा भी पेंशनर दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।
स्वास्थ्य सेवाओं एवं सहयोग की सराहना : सम्मेलन स्थल पर सिविल सर्जन दिनेश पटेल एवं जिला आयुष अधिकारी चन्द्रशेखर गौराहा द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। आईटीआई रायगढ़ के एनसीसी कैडेट्स का सहयोग बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से सराहनीय रहा।
कार्यक्रम संचालन एवं आभार : कार्यक्रम का सफल संचालन देवेन्द्र कुमार पटेल द्वारा किया गया। सम्मेलन को सफल बनाने में अशोक राठौर, अरुण वर्मा, के.एल. पटेल, दीनदयाल पटेल, मदन सिंह, रत्तीदास महंत, अशोक ठेठवार, वाय.के. पंडा, रमेश साहू, भूपेश चौबे, गौतम सिंह क्षत्रिय, पालूराम पटेल, मनोहर लाल नंदे, विनोद ठेठवार, टीकाराम पटेल सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा।