
अमानक चावल की आपूर्ति को लेकर जैजैपुर विधायक ने की मुख्यमंत्री से शिकायत , वरिष्ठ तकनीकी सहायक विक्रांत माखीजा के खिलाफ कार्यवाही की रखी मांग
जांजगीर-चाम्पा 06अगस्त 25// जिले में अमानक व घटिया चावल की आपूर्ति तथा शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार की जांच कर कार्यवाही की मांग जैजैपुर विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से किये हैं। अपने शिकायत में जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों व समाचार पत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह गंभीर मामला प्रकाश में आया है कि जांजगीर-चाम्पा जिले के शासकीय गोदामों तथा राशन दुकानों में अमानक, पुराना एवं घटिया चावल वितरित किया गया है, जो न केवल खाद्य सुरक्षा मानकों के विरुद्ध है, बल्कि आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ एक घातक खिलवाड़ भी है मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस चावल में पाउडर की मात्रा 10 प्रतिशत से अधिक पाई गई है, तथा यह गुणवत्ता के निर्धारित मापदंडों पर बिल्कुल खरा नहीं उतरता।
इसके अतिरिक्त यह भी संज्ञान में आया है कि सारंगढ़ के कुछ मिलरों द्वारा दीगर जिलों के लिए स्वीकृत चावल को अवैध रूप से जांजगीर-चांपा में भेजकर नान गोदामो में रखा गया था, जिसे नान के कुछ अधिकारियों द्वारा बिना रासायनिक परीक्षण के स्वीकार भी किया गया। इस पूरे प्रकरण में वरिष्ठ तकनीकी सहायक विक्रांत माखीजा का नाम प्रमुखता से सामने आया है. जिनके द्वारा पहले चावल भंडारण के लिए जगह नहीं होने का हवाला देकर अस्वीकार किया गया, परंतु बाद में उसी अमानक चावल को गोदाम में स्वीकार कर आसपास के सैकड़ों गांवों में वितरित भी करवा दिया गया।
इस वितरण को लेकर लगातार आम जनता व मीडिया से शिकायतें प्राप्त हो रही है। यह मामला केवल अमानक चावल की आपूर्ति तक सीमित न होकर शासकीय योजनाओं में गहरी अनियमितता, आर्थिक भ्रष्टाचार तथा जनता के साथ विश्वासघात का गंभीर उदाहरण बन गया है। विधायक साहू ने उक्त प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्लू) या स्वतंत्र एजेंसी से किये हैं। सूत्रों की बात करें तो अमानक चावल खपाने के लिये वरिष्ठ तकनीकी सहायक विक्रांत माखीजा से गहरी साठगांठ हुई है। शिकायतकर्ताओं ने इस एवज में लेन-देन का भी आरोप भी लगाया है। लॉट लेते समय बिना कैमिकल जांच के धड़ल्ले से पुराना चावल खपा दिया गया है।