जनगणना 2027 में जाति से लेकर आधार और बैंक खाते तक पूछे जाएंगे 40 सवाल, केंद्र ने जारी की पूरी सूची
NTN REPORT// 15.08.26, नई दिल्ली। भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने जनसंख्या गणना के दूसरे चरण में पूछे जाने वाले 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। इस बार जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। आजादी के बाद पहली बार सभी व्यक्तियों की जाति संबंधी जानकारी व्यापक स्तर पर जुटाई जाएगी। इसके साथ ही शिक्षा, रोजगार, प्रवास, दिव्यांगता, बच्चों की संख्या और विभिन्न पहचान संबंधी जानकारियों को भी प्रश्नावली में शामिल किया गया है।

जाति की जानकारी होगी प्रमुख हिस्सा
जनगणना 2027 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में जातिगत गणना शामिल होना है। सरकार ने वर्ष 2027 की जनगणना में जाति की गणना कराने का निर्णय पहले ही लिया था। जनसंख्या गणना के दौरान व्यक्ति से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और उसकी जाति से संबंधित जानकारी ली जाएगी।
सरकार के अनुसार, जातियों की कोई निर्धारित सूची प्रश्नावली में नहीं दी जाएगी। व्यक्ति द्वारा बताई गई जाति को दर्ज किया जाएगा। जाति संबंधी जानकारी को जनगणना के सामाजिक और आर्थिक आंकड़ों के साथ जोड़कर देखा जाएगा, जिससे भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में मदद मिल सकेगी।
जनगणना में पूछे जाएंगे ये 40 सवाल
जनसंख्या गणना के दूसरे चरण में व्यक्ति और परिवार से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। जारी सूची के अनुसार प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं—
- व्यक्ति का नाम
- परिवार के मुखिया से संबंध
- लिंग
- जन्मतिथि और उम्र
- वैवाहिक स्थिति
- विवाह के समय उम्र
- पति या पत्नी का नाम
- घोषित राष्ट्रीयता
- धर्म
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और जाति
- पिता की जानकारी
- माता की जानकारी
- दिव्यांगता से संबंधित जानकारी
- मातृभाषा और अन्य भाषाएं
- साक्षरता और डिजिटल साक्षरता
- शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई की स्थिति
- उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और विषय
- पिछले एक वर्ष में किया गया काम
- आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
- व्यवसाय
- उद्योग, व्यापार या सेवा का प्रकार
- कामगार की श्रेणी
- गैर-आर्थिक गतिविधि
- काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता
- काम की जगह तक पहुंचने के लिए यात्रा
- जन्म स्थान
- पिछला निवास स्थान
- प्रवास का कारण
- पिछली जगह से वर्तमान स्थान पर रहने की अवधि
- स्थायी निवास का पता
- वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या
- अब तक जन्मे बच्चों की संख्या
- पिछले एक वर्ष में जन्मे बच्चों की संख्या
- कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित जानकारी
- कुल बैंक खातों की संख्या
- मोबाइल नंबर
- आधार नंबर
- मतदाता पहचान पत्र नंबर
- पासपोर्ट नंबर
- ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है या नहीं
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना 2027 को दो प्रमुख चरणों में पूरा किया जा रहा है।
पहला चरण : मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना
समय : अप्रैल से सितंबर 2026
इस चरण में घरों और आवास से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। इसमें मकान की स्थिति, परिवार की जानकारी, उपलब्ध सुविधाएं और परिवार के पास मौजूद विभिन्न परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़े शामिल हैं। पहले चरण के लिए 33 सवालों वाली प्रश्नावली अधिसूचित की जा चुकी है।
दूसरा चरण : जनसंख्या गणना
समय : फरवरी 2027
इस चरण में देश के प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार, प्रवास और जाति सहित विभिन्न जानकारियां जुटाई जाएंगी। लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले असमकालिक क्षेत्रों में यह चरण सितंबर 2026 में कराया जाएगा।
17 से 31 अगस्त तक स्व-गणना की सुविधा
जनगणना 2027 में पहली बार लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा दी जा रही है। इसके माध्यम से पात्र लोग निर्धारित अवधि में घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। बाद में प्रगणक द्वारा इसकी पुष्टि की जाएगी।
बर्फीले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का चरण 1 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। देश के अन्य हिस्सों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी।
पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना
जनगणना 2027 को बड़े पैमाने पर डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है। प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़े दर्ज करेंगे। सरकार के अनुसार, इस प्रक्रिया से आंकड़ों के संग्रह, निगरानी और सत्यापन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। जनगणना के दोनों चरणों में स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये मंजूर
केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस पूरी कवायद में करीब 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल होंगे।
2021 की जनगणना कोविड के कारण टली थी
भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण निर्धारित समय पर नहीं हो सकी। अब जनगणना 2027 कराई जा रही है।
यह जनगणना भारत की श्रृंखला की 16वीं और आजादी के बाद आठवीं जनगणना होगी। सरकार इसे देश की पहली व्यापक डिजिटल जनगणना के रूप में संचालित कर रही है।
1931 के बाद फिर व्यापक जातिगत आंकड़े
भारत में नियमित जनगणना के शुरुआती दौर में जाति संबंधी आंकड़े भी जुटाए जाते थे। 1931 तक जातिगत आंकड़े एकत्र किए गए। 1941 में भी जातिगत जानकारी जुटाई गई थी, लेकिन उसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए। स्वतंत्रता के बाद सामान्य जनगणना में व्यापक जातिगत गणना नहीं की गई और मुख्य रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित आंकड़े दर्ज किए जाते रहे।
अब जनगणना 2027 में जातिगत जानकारी शामिल किए जाने से देश की सामाजिक संरचना से संबंधित विस्तृत आंकड़े उपलब्ध होने की उम्मीद है।
आंकड़ों की सुरक्षा पर सरकार का जोर
जनगणना की पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के तहत संचालित होती है। सरकार ने डिजिटल माध्यम से जुटाए जाने वाले आंकड़ों की सुरक्षा के लिए आवश्यक तकनीकी और कानूनी प्रबंध किए हैं।
जनगणना 2027 की खास बातें
- पहली बार व्यापक स्तर पर जाति की जानकारी दर्ज की जाएगी।
- जनगणना डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।
- प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़े दर्ज करेंगे।
- नागरिकों के लिए ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध होगी।
- जनसंख्या गणना में शिक्षा, रोजगार, प्रवास और सामाजिक-आर्थिक जानकारी जुटाई जाएगी।
- जनगणना के लिए केंद्र सरकार ने 11,718.24 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
- सामान्य क्षेत्रों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी।
- बर्फीले असमकालिक क्षेत्रों में यह चरण सितंबर 2026 में होगा।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध सरकारी सूचनाओं एवं प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। जनगणना की प्रक्रिया, तिथियों और प्रश्नावली में आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार परिवर्तन संभव है। यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।