NTN REPORT// अम्बिकापुर। अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के मामले में विशेष न्यायालय, अम्बिकापुर ने तत्कालीन सहायक ग्रेड-03, भू-अभिलेख शाखा, कार्यालय कलेक्टर अम्बिकापुर के आरोपी ऋषि कुमार सिंह को दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कठोर कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह सजा 14 अगस्त 2026 को सुनाई।

29 वर्षों में आय 39.11 लाख, खर्च 4.10 करोड़ रुपये
मामला वर्ष 2013 में सामने आया था। ऋषि कुमार सिंह के विरुद्ध स्वयं तथा परिवार के सदस्यों के नाम पर आय से अधिक चल-अचल संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में अपराध क्रमांक 22/2013 दर्ज किया गया था। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ई) एवं 13(2) के तहत कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान सक्षम न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद 18 जून 2013 को आरोपी के शांति विला, केदारपुर, अम्बिकापुर स्थित निवास पर छापे की कार्रवाई की गई।
विवेचना में आरोपी ऋषि कुमार सिंह, उनकी पत्नी और बच्चों के नाम पर आलोच्य अवधि 5 जुलाई 1984 से 19 जून 2013 तक कुल 39,11,079 रुपये की सकल आय पाई गई। इसके विपरीत इसी अवधि में सावधि जमा, जीवन बीमा प्रीमियम तथा अचल संपत्तियों की खरीद सहित विभिन्न मदों में कुल 4,10,35,657.68 रुपये का व्यय किया जाना पाया गया।
जांच के अनुसार आरोपी द्वारा अर्जित आय की तुलना में किया गया व्यय अत्यधिक था और इसे 1049 प्रतिशत अनुपातहीन पाया गया।
2018 में न्यायालय में पेश किया गया था चालान
प्रकरण की विस्तृत विवेचना पूरी होने के बाद 20 फरवरी 2018 को आरोपी ऋषि कुमार सिंह के विरुद्ध विशेष न्यायालय, अम्बिकापुर, जिला सरगुजा के समक्ष चालान प्रस्तुत किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
इसके बाद 14 अगस्त 2026 को विशेष न्यायालय, अम्बिकापुर ने ऋषि कुमार सिंह को 4 वर्ष के कठोर कारावास तथा 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अनुपातहीन संपत्ति के मामले में न्यायालय का सख्त फैसला
इस मामले में जांच के दौरान आरोपी की घोषित एवं प्राप्त आय और उसके द्वारा किए गए कुल व्यय के बीच बड़ा अंतर सामने आया था। लंबे समय तक चली विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब न्यायालय ने दोषसिद्धि करते हुए सजा सुनाई है।