
ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल बनारी में 11वां अलंकरण समारोह संपन्न, छात्र नेतृत्व और जिम्मेदारी का दिया गया संदेश
NTN REPORT// जांजगीर। ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल, बनारी में 18 जुलाई 2026 को 11वें अलंकरण समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, उत्तरदायित्व और सेवा भावना का विकास करना रहा। कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारी एवं जांजगीर-चांपा वनमंडल के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) हिमांशु डोंगरे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रणिता अग्रवाल एवं ज्ञानेश तिवारी उपस्थित रहे।
विद्यालय के संस्था संचालक आलोक अग्रवाल, डॉ. गिरिराज गढ़ेवाल तथा प्राचार्या सोनाली सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित समारोह की शुरुआत छात्र-छात्राओं के स्वागत गीत से हुई। इसके बाद अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
‘नेतृत्व पद नहीं, जिम्मेदारी है’ : प्राचार्या सोनाली सिंह
प्राचार्या सोनाली सिंह ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नेतृत्व का वास्तविक अर्थ समझाते हुए कहा कि नेतृत्व केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का निर्वहन करना है। उन्होंने कहा कि सच्चा नेता वही होता है, जो ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करते हुए दूसरों के लिए प्रेरणा बने। उन्होंने विद्यार्थियों से विद्यालय में मिलने वाले प्रत्येक अवसर का सदुपयोग कर जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा
समारोह के दौरान कक्षा आठवीं की छात्रा वृष्टि टंडन ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं कक्षा चौथी की छात्रा भाव्या खैरवार की मनमोहक प्रस्तुति ने भी सभी का दिल जीत लिया। दोनों प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
छात्र परिषद को सौंपी गई जिम्मेदारी
समारोह का मुख्य आकर्षण अलंकरण कार्यक्रम रहा, जिसमें विद्यालय के नव-निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को सैश एवं बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एवं विद्यालय प्रबंधन ने छात्र नेताओं को ईमानदारी, अनुशासन और निष्ठा के साथ अपने दायित्व निभाने की प्रेरणा दी।
विद्यालय के हेड बॉय के रूप में अनमोल गोस्वामी तथा हेड गर्ल के रूप में प्रथमा पांडे को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा विभिन्न विभागों, कैबिनेट, अनुशासन, खेल, सांस्कृतिक, प्रार्थना, बैंड, हाउस एवं ईको क्लब सहित विभिन्न समितियों के प्रतिनिधियों को भी पदभार सौंपा गया।
मतदाता साक्षरता क्लब का गठन
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में मतदाता साक्षरता क्लब की औपचारिक घोषणा भी की गई। क्लब के सदस्य योगेश देवांगन, मनदीप कौर एवं विनिता पांडे ने इसकी जानकारी दी। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदान के महत्व तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करना है। इस पहल की अतिथियों ने सराहना की।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विद्यार्थियों का सम्मान
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने मेडल प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
डीएफओ हिमांशु डोंगरे ने साझा किए सफलता के अनुभव
मुख्य अतिथि हिमांशु डोंगरे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र अनुशासन, कठिन परिश्रम और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का अर्थ अधिकार प्राप्त करना नहीं, बल्कि दूसरों का विश्वास जीतना और अपने कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों का सम्मान करने, माता-पिता के प्रति कृतज्ञ रहने तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। अपने यूपीएससी सफर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत के बल पर कोई भी विद्यार्थी अपने जीवन का बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकता है।
छात्र परिषद ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ
समारोह के महत्वपूर्ण चरण में विद्यालय की प्राचार्या सोनाली सिंह ने हेड बॉय, हेड गर्ल सहित छात्र परिषद के सभी पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने विद्यालय की मर्यादा बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया।
शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक नहीं, चरित्र निर्माण भी : आलोक अग्रवाल
संस्था संचालक आलोक अग्रवाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से जीवन में सकारात्मक सोच बनाए रखने, कठिनाइयों से संघर्ष करते हुए लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों का विकास और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भावना विकसित करना भी है।
शिक्षकों का रहा सराहनीय योगदान
पी.ई. शिक्षक सागर राज राठौर ने समस्त कैबिनेट सदस्यों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने एवं विद्यालय संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। खेल शिक्षकों यामिनी गंधर्व एवं ऋषभ अग्रवाल का भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन नीलम सिंह ने किया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि हिमांशु डोंगरे को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यालय के अनुशासित एवं उत्कृष्ट आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रशासनिक स्टाफ, ग्रुप-डी कर्मचारियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।