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अपराधराज्य/शहर

शिवा शर्मा की मौत हत्या या आत्महत्या? चौथी मंजिल से पुतला गिराकर सच तलाशेगी पुलिस, फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज!

लखनऊ में क्राइम सीन रीक्रिएशन की तैयारी, गिरने की दिशा, दूरी और कोण का होगा विश्लेषण; पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से किया जाएगा मिलान

NTN REPORT// लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। शिवा शर्मा की मौत हत्या थी या आत्महत्या, इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए पुलिस अब घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराने की तैयारी कर रही है। इसके तहत फॉरेंसिक टीम शिवा की कद-काठी और वजन के अनुरूप एक पुतले का इस्तेमाल कर चौथी मंजिल से गिरने की परिस्थितियों का विश्लेषण करेगी। इस प्रक्रिया से यह समझने की कोशिश की जाएगी कि चौथी मंजिल से नीचे गिरने पर पुतला किस दिशा में और कितनी दूरी पर पहुंचता है।

प्रतीकात्मक एआई तस्वीर

इस मामले में शिवा के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि मामले की मुख्य आरोपी बताई जा रही श्रद्धा दुबे ने गिरफ्तारी से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर शिवा की मौत को आत्महत्या बताया था। दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।

9 अक्टूबर को चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी मौत

जानकारी के मुताबिक, बीते 9 अक्टूबर को लखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा की एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद शिवा की मां ने श्रद्धा दुबे और उनकी बहन रश्मि के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

शिवा की मौत के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि वह चौथी मंजिल से कैसे नीचे गिरे। क्या उन्होंने खुद छलांग लगाई थी या उन्हें धक्का दिया गया था? परिजनों के आरोप और आरोपी पक्ष की ओर से सामने आए दावे के बीच पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। हालांकि, मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही सामने आ सकेगा।

पुतले के जरिए दोहराई जाएगी घटना की परिस्थितियां

पुलिस की योजना के अनुसार, क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान फॉरेंसिक टीम शिवा की कद-काठी और वजन के अनुरूप पुतले का इस्तेमाल करेगी। इसे घटना वाली इमारत की चौथी मंजिल से गिराकर उसके गिरने की दिशा, दूरी और कोण का विश्लेषण किया जाएगा।

इस प्रक्रिया में इमारत की बनावट, चौथी मंजिल की ऊंचाई, नीचे मौजूद स्थान और घटनास्थल की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा। इसके बाद पुतले के गिरने से प्राप्त नतीजों का घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ मिलान किया जाएगा।

इस जांच का उद्देश्य यह समझना है कि उपलब्ध परिस्थितियों में गिरने का संभावित तरीका क्या हो सकता है और क्या घटनास्थल के साक्ष्य किसी विशेष परिस्थिति की ओर संकेत करते हैं।

हत्या और आत्महत्या के दावों की होगी वैज्ञानिक जांच

इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच के दौरान यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि घटनास्थल की बनावट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किसी व्यक्ति के स्वयं नीचे गिरने तथा किसी अन्य कारण से नीचे गिरने की संभावित परिस्थितियों में क्या अंतर सामने आता है।

हालांकि, केवल पुतले को ऊंचाई से गिराने के आधार पर हत्या या आत्महत्या का अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। इसके लिए अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, उपलब्ध वीडियो फुटेज और जांच में सामने आने वाले तथ्यों का भी मूल्यांकन करना आवश्यक होगा।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से किया जाएगा मिलान

फॉरेंसिक जांच में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। पुतले को गिराने से प्राप्त परिणामों की तुलना शिवा शर्मा के शरीर पर मिली चोटों और पोस्टमॉर्टम में दर्ज निष्कर्षों से की जाएगी।

जांच टीम यह समझने का प्रयास करेगी कि शरीर पर मिली चोटें, गिरने की संभावित दिशा और घटनास्थल की परिस्थितियां आपस में किस हद तक मेल खाती हैं। इसके साथ ही अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा सकता है।

फॉरेंसिक विश्लेषण से पुलिस को घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जांच के सभी पहलुओं को एक साथ देखने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।

जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें

शिवा शर्मा की मौत के मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोप और श्रद्धा दुबे की ओर से सामने आया आत्महत्या का दावा जांच को महत्वपूर्ण बना रहे हैं। ऐसे में क्राइम सीन रीक्रिएशन से मिलने वाले नतीजे पुलिस की आगे की जांच में उपयोगी हो सकते हैं।

अब देखना होगा कि फॉरेंसिक जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण से पुलिस को क्या तथ्य मिलते हैं। फिलहाल शिवा शर्मा की मौत हत्या थी या आत्महत्या, इसका अंतिम जवाब जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के समग्र मूल्यांकन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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