NTN REPORT// लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन से पहले योगी सरकार ने महिलाओं और युवाओं के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आजीवन मुफ्त बस यात्रा, 250 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट और गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तार देने जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।

60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त बस यात्रा
कैबिनेट ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
निःशुल्क यात्रा का लाभ लेने के लिए महिलाओं को उम्र के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस योजना से बड़ी संख्या में वरिष्ठ महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग रिपोर्टों में लाभार्थियों की संख्या का अनुमान अलग बताया गया है; 2011 की जनगणना के आधार पर करीब 81 लाख से लेकर एक करोड़ से अधिक महिलाओं के लाभान्वित होने का अनुमान सामने आया है।
सरकार पर इस योजना के तहत हर महीने करीब 22.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आने का अनुमान है। इसे रक्षाबंधन से पहले वरिष्ठ महिलाओं के लिए सरकार की बड़ी सौगात के तौर पर देखा जा रहा है।
250 इलेक्ट्रिक बसों की होगी खरीद
कैबिनेट ने प्रदेश में 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके लिए करीब 425 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इलेक्ट्रिक बसों की खरीद से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ प्रदूषण कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।
गंगा एक्सप्रेसवे अब हरिद्वार तक पहुंचेगा
योगी कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे के बिजनौर से हरिद्वार तक विस्तार को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस विस्तार के बाद बिजनौर और हरिद्वार के बीच आवागमन आसान और तेज होने की उम्मीद है। साथ ही प्रयागराज और हरिद्वार जैसे दो प्रमुख कुंभ नगरों के बीच बेहतर एक्सप्रेसवे संपर्क विकसित होगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
Gen-Z युवाओं पर भी सरकार का फोकस
कैबिनेट के फैसलों में युवाओं और डिजिटल शिक्षा को भी प्रमुखता दी गई है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को 25 लाख मुफ्त टैबलेट देने की तैयारी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
इस योजना का लाभ स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और कौशल विकास से जुड़े युवाओं को मिलने की बात कही गई है। आईटीआई तथा कौशल विकास प्रशिक्षण में पंजीकृत युवाओं को भी योजना में शामिल किया गया है।
पढ़ाई से रोजगार तक डिजिटल मदद
सरकार का उद्देश्य युवाओं को पढ़ाई, प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े डिजिटल संसाधनों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है। मुफ्त टैबलेट के माध्यम से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े विद्यार्थियों को डिजिटल सामग्री हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार का दावा है कि डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में मदद मिलेगी। योजना को पांच वर्ष के लिए लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।
मुफ्त लैपटॉप योजना से लेकर मुफ्त टैबलेट तक
उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों को डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने की पहल नई नहीं है। तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने वर्ष 2012 में मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुफ्त लैपटॉप योजना शुरू की थी। इसके तहत कक्षा 12वीं पास करने वाले पात्र विद्यार्थियों को मुफ्त लैपटॉप देने का प्रावधान किया गया था। योजना की शुरुआत मार्च 2013 में लखनऊ से हुई थी।
अब योगी सरकार के कार्यकाल में मुफ्त टैबलेट के माध्यम से इस तरह की डिजिटल सहायता का दायरा उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार की जरूरतों से जुड़े युवाओं तक बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
महिलाओं और युवाओं पर एक साथ फोकस
उत्तर प्रदेश कैबिनेट के इन फैसलों में एक तरफ वरिष्ठ महिलाओं को आजीवन मुफ्त सार्वजनिक परिवहन की सुविधा देने पर जोर है, तो दूसरी तरफ युवाओं को डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे फैसले परिवहन तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
रक्षाबंधन से ठीक पहले लिए गए इन फैसलों को महिला कल्याण, युवा सशक्तीकरण, डिजिटल शिक्षा और परिवहन व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
लाभार्थियों की संख्या और योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी अंतिम प्रक्रियाएं सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होंगी।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।