
बिहार के 21 जिलों में बढ़ेगी मखाने की खेती, किसानों को 75% तक अनुदान
बिहार के 21 जिलों में बढ़ेगी मखाने की खेती, किसानों को 75% तक अनुदान
NTN REPORT// पटना। वैश्विक बाजार में मखाने की बढ़ती मांग और इसे सुपरफूड के रूप में मिल रही पहचान को देखते हुए बिहार सरकार ने इसकी खेती का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। ‘मखाना विकास योजना’ के तहत अब राज्य के 21 जिलों में वैज्ञानिक तरीके से मखाना उत्पादन, उन्नत बीज और आधुनिक प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा।

21 जिलों में लागू होगी योजना
योजना में दरभंगा, मधुबनी, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, सीतामढ़ी, मधेपुरा, अररिया, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना शामिल हैं।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, मखाने की खेती के विस्तार और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी।
उन्नत बीज और आधुनिक तकनीक पर जोर
तालाब के साथ खेतों में भी मखाने की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को ‘सबौर मखाना-1’ और ‘स्वर्ण वैदेही’ जैसी उन्नत प्रजातियों के गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।

मखाना निकालने और फोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पारंपरिक एवं आधुनिक किट की खरीद पर भी 75 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
प्रसंस्करण और पैकेजिंग को मिलेगा बढ़ावा
सरकार किसानों को केवल कच्चे मखाने के उत्पादन तक सीमित न रखकर मूल्यवर्धन और प्रसंस्करण से जोड़ने की तैयारी कर रही है। मखाना प्रसंस्करण इकाई, ग्रेडिंग-छंटाई मशीन और पैकेजिंग इकाई लगाने के लिए पीएमएफएमई योजना तथा राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के सहयोग से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
किसान, एफपीओ और महिला स्वयं सहायता समूह योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग के पोर्टल और बिहार कृषि ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।