NTN REPORT// धमतरी। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर ने धमतरी जिले के कुरूद स्थित कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दण्डाधिकारी में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पुनेश्वर सूर्यवंशी, सहायक ग्रेड-3 के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, शिक्षक कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 15, जिला धमतरी निवासी प्रकाश चन्द्राकर ने अपनी कृषि भूमि को व्यावसायिक प्रयोजन के लिए डायवर्सन/परिवर्तित कराने के संबंध में कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दण्डाधिकारी कुरूद में आवेदन प्रस्तुत किया था।
डायवर्सन के एवज में मांगे 20 हजार रुपये
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उक्त कार्य के संबंध में प्रार्थी की मुलाकात कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 पुनेश्वर सूर्यवंशी से हुई। आरोप है कि कृषि भूमि को व्यावसायिक प्रयोजन के लिए डायवर्सन/परिवर्तित कराने के एवज में आरोपी द्वारा 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई।
प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था और उसने आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाने के उद्देश्य से एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में शिकायत की।
सत्यापन के बाद एसीबी ने बिछाया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद एसीबी रायपुर द्वारा मामले का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा कथित रूप से पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेने पर सहमति जताई गई।
इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 5 अक्टूबर 2026 को ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुनेश्वर सूर्यवंशी को प्रार्थी से 10 हजार रुपये की पहली किश्त रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
धारा 7 पीसी एक्ट के तहत कार्रवाई
एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के प्रावधानों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कार्यालय में भी मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है। हालांकि, मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के बाद ही अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
यह समाचार एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर की प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।