
जांजगीर-नैला का बदनसीब सिटी बस स्टैंड — अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और उपेक्षा की कहानी!
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-नैला। कभी शहर के विकास और सुविधा की नई पहचान बनने का सपना देखने वाला नैला स्थित सिटी बस स्टैंड आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। लाखों रुपए की लागत से बने इस बस स्टैंड की हालत ऐसी हो चुकी है कि अब यह बस स्टैंड कम और एक परित्यक्त खंडहर अधिक नजर आता है।
जब कुछ वर्ष पूर्व इस सिटी बस स्टैंड की परिकल्पना की गई थी, तो आमजन ने इसे बड़ी उम्मीदों के साथ स्वागत किया था। रायगढ़ डिपो से आने वाली चमचमाती बसों ने कुछ समय तक शहरवासियों को राहत जरूर दी, लेकिन यह सुविधा अधिक दिनों तक टिक नहीं पाई। बसों के पहिए कब जाम हो गए, किसी को पता ही नहीं चला। आज वे सभी बसें कबाड़ में तब्दील होकर अपनी अंतिम स्थिति की ओर बढ़ रही हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार
यह कहना गलत नहीं होगा कि नैला सिटी बस स्टैंड एक “अभागा” प्रोजेक्ट साबित हुआ है। वर्षों से न तो किसी राजनीतिक दल ने इसकी सुध ली और न ही प्रशासन ने कोई ठोस पहल की। शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाएं, संगठन और जनप्रतिनिधि — सभी ने कभी न कभी इस स्थान का उपयोग केवल फोटो सेशन के लिए किया, परंतु समस्या के समाधान के लिए कोई आगे नहीं आया।
यह सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर इस अत्यावश्यक जनसुविधा की अनदेखी क्यों की जा रही है?
भ्रष्टाचार की बू और निर्माण की पोल खोलती दीवारें
बस स्टैंड के भीतर की हालत देखकर साफ झलकता है कि निर्माण के दौरान भारी अनियमितताएं बरती गईं। भवनों की दीवारों से बाहर निकली हुई सरिया और जंग खाई छड़ें भ्रष्टाचार की गवाही स्वयं दे रही हैं। जबकि अंग्रेजों के जमाने की इमारतें आज भी मजबूती से खड़ी हैं, वहीं यह नई बनी इमारत कुछ ही वर्षों में जर्जर हो चुकी है।
कचरा, नशा और अवैध कब्जे का अड्डा बना बस स्टैंड
आज यह सिटी बस स्टैंड जनता की सुविधा के बजाय कचरा फेंकने और नशाखोरी का अड्डा बन गया है। चारों ओर फैला कचरा, टूटी दीवारें और गंदगी इसकी बदहाली बयां करती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही यहां शराब और गांजा पीने वालों का जमावड़ा लग जाता है। चूंकि कोई देखने-सुनने वाला नहीं, इसलिए यह स्थान असामाजिक तत्वों के लिए “सेफ जोन” बन चुका है।

दुकानों पर दबंगों का कब्जा, नियमों की उड़ रही धज्जियां
बस स्टैंड परिसर में बनी दुकानों की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। आरक्षण कोटे और नियमानुसार आवंटित ये दुकानें अब कई लोगों द्वारा दबंगई से कब्जे में ली जा चुकी हैं। इनका सही उपयोग हो रहा है या नहीं, यह एक बड़ा जांच का विषय बन चुका है।

नगर पालिका प्रशासन मौन
NTN News ने इस पूरे मामले में मुख्य नगर पालिका अधिकारी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कभी कॉल रिसीव नहीं किया।
प्रशासन की यह चुप्पी न केवल सवाल खड़े करती है बल्कि इस उपेक्षा की कहानी को और गहराई से उजागर करती है।
NTN News का संकल्प NTN News आमजन की इस महत्वपूर्ण सुविधा के हक में आवाज उठाता रहेगा। जब तक इस बदहाल बस स्टैंड का कायाकल्प नहीं हो जाता और इसका दुर्भाग्य सौभाग्य में नहीं बदल जाता, तब तक यह मुद्दा यूं ही उठता रहेगा।