
महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: भाजपा पर परिसीमन को प्राथमिकता देने का कांग्रेस का आरोप
जांजगीर-चांपा में कांग्रेस नेताओं ने कहा—महिला आरक्षण लागू करने में देरी कर रही केंद्र सरकार, जनता को किया जा रहा गुमराह
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा। महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक रही है, जबकि भाजपा इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी की सचिव नम्रता नामदेव ने कहा कि भाजपा यह प्रचार कर रही है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का समर्थन नहीं किया, जबकि यह पूरी तरह तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि संसद में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के पक्ष में रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि केंद्र सरकार की मंशा महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की होती तो मौजूदा सांसद संख्या में ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता था, परिसीमन का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं थी।
राजीव गांधी पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि संसद में प्रस्तुत विधेयक में महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने की बजाय परिसीमन को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कराना चाहती है, जबकि नई जनगणना प्रस्तावित है। ऐसे में पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कराना तर्कसंगत नहीं है।
जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक अधिकार दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल कांग्रेस सरकारों ने की है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की शुरुआत कांग्रेस शासनकाल में हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप आज देशभर में लाखों महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पांच राज्यों में चुनाव चल रहे हैं और दो राज्यों में मतदान शेष है। ऐसे समय में भाजपा द्वारा महिला आरक्षण के मुद्दे को उठाना चुनावी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सांसदों को दिल्ली बुलाकर महिला मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस पर आरोप लगाना निराधार है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में इस विषय पर मतदान प्रस्तावित था, लेकिन इसे अचानक संसद के पटल पर लाया गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2001 में भी यह विषय उठाया गया था, तब तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2026 में नई जनगणना के आधार पर इसे प्रभावी करने की बात कही थी।
इस दौरान जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश पैगवार, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रामबिलास राठौर, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज शुक्ला, नगर पालिका जांजगीर-नैला के पूर्व अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री रफीक सिद्धिकी, शिशिर द्विवेदी सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।