
“विकास रोका तो अब होगा महाआंदोलन!” : 1 मई को गांधी प्रतिमा के सामने कलेक्टोरेट में विधायक व्यास कश्यप करेंगे धरना प्रदर्शन
NTN NEWS REPORT//जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 34 के विधायक व्यास कश्यप ने सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे 1 मई 2026 को कलेक्टर कार्यालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे। विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से उनके विधानसभा क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है और सीएसआर व डीएमएफ मद से प्रस्तावित कार्यों को जानबूझकर स्वीकृति नहीं दी जा रही है।
दो अलग-अलग पत्रों से जताया विरोध
विधायक द्वारा जारी दो आधिकारिक पत्रों में जिला प्रशासन और शासन के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एक पत्र कलेक्टर जांजगीर-चांपा को संबोधित है, जिसमें क्षेत्रवासियों को सीएसआर, डीएमएफ और अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित किए जाने का आरोप लगाया गया है। दूसरे पत्र में मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीएसआर मद से कार्य स्वीकृति में कथित भेदभाव की शिकायत की गई है।

2.96 करोड़ की राशि लंबित होने का आरोप
विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रत्येक विधायक को चार करोड़ रुपये की विकास निधि दी जाती है, जिसमें से 2.96 करोड़ रुपये की राशि सीधे विधायक की अनुशंसा पर जारी की जाती है। उनका आरोप है कि दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शेष राशि जारी नहीं की गई है। इससे क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
“विधानसभा की अवहेलना” का लगाया आरोप
पत्र में उल्लेख किया गया है कि बजट सत्र 25 फरवरी 2026 के दौरान मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद भी संबंधित कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली। विधायक ने इसे विधानसभा की अवहेलना बताते हुए कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
गांधी प्रतिमा के सामने होगा सत्याग्रह
विधायक व्यास कश्यप ने स्पष्ट किया कि शासन-प्रशासन की कथित भेदभावपूर्ण और तानाशाही कार्यप्रणाली के विरोध में वे 1 मई को कलेक्टोरेट परिसर स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने शांतिपूर्ण धरना देंगे। उन्होंने कहा कि यह सत्याग्रह क्षेत्र की जनता के अधिकारों के लिए होगा और इसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल होंगे।
शासन से की कार्रवाई की मांग
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में विधायक ने ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जो विधानसभा और मंत्रियों के निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “सुशासन” केवल नारा बनकर न रह जाए, बल्कि जमीन पर दिखाई भी दे।
अब 1 मई को होने वाले धरना प्रदर्शन पर जिला प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।