
विधायक किसानों की समस्या को लेकर उतरी सड़क पर, किया एसडीएम कार्यालय का घेराव, मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ में किसानों और आम जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर बुधवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी एवं विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा की विष्णु देव सरकार कूटनीतिक ढंग से किसानों के धान खरीदी के रकबे में गिरदावरी का हवाला देकर अनावश्यक कटौती कर रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की।
साथ ही कहा गया कि एग्रीस्टेक आईडी पंजीकरण में अनावश्यक देरी के कारण कई किसान धान बेचने से वंचित हो सकते हैं। इसलिए पहले से पंजीकृत किसानों का पंजीकरण आगे बढ़ाने की मांग की गई।
इसके अलावा, बाजार में खाद और कीटनाशक दवाओं की ऊंची दरों पर बिक्री को लेकर प्रशासन से सख्त नियंत्रण लगाने की मांग की गई। क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गई, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने किसानों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस दौरान आयोजित एसडीएम कार्यालय घेराव एवं धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान और आमजन उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नवल सिंह, नीरज खूंटे, संतोष गुप्ता, हर प्रसाद साहू, सुरेश तिवारी, मनोज तिवारी, राजेन्द्र यादव, प्रेमंद यादव, घासीराम चौहान, किशोर सिंह, राजकपूर साहू, कल्याण बर्मन, देव कुमार पांडेय, घनश्याम साहू, ओंकार कश्यप, अशोक खूँटे, पार्षद आकाश यादव, विजय यादव सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेसी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो विधानसभा तक पहुंचेगा आंदोलन : कार्यक्रम के अंत में विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया और शांतिपूर्वक घेराव समाप्त किया गया।
विधायक हरवंश ने कहा — “यह लड़ाई किसानों और जनता के अधिकारों की है। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर विधानसभा तक पहुंचेगा।”