Advertisment
Uncategorizedज्योतिष – वास्तुधर्म

जाने पितृ पक्ष की महत्वपूर्ण तिथियां एवं पितृ पक्ष का महत्व

वैसे तो पितृ पक्ष की सभी तिथियां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, क्योंकि हर तिथि पर किसी न किसी के पूर्वज का देहांत हुआ होता है, और वे उसी तिथि पर उनके लिए श्राद्ध, तर्पण आदि अनुष्ठान करते हैं। लेकिन पितृ पक्ष में

1. भरणी श्राद्ध

2. नवमी श्राद्ध

3. सर्व पितृ अमावस्या या अमावस्या श्राद्ध का विशेष महत्व बताया गया है।

पित्रपक्ष का महत्व

पितरों का आशीष पाने के लिए पितृ पक्ष का समय विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। पुराणों के अनुसार, हमारी पिछली तीन पीढ़ियों के पूर्वज, मृत्यु के बाद स्वर्ग और पृथ्वी के बीच पितृलोक में विचरण करते हैं। श्राद्ध पक्ष के समय यही पूर्वज पितृलोक से पृथ्वी पर आकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।

मान्यता है कि इस समय किया श्राद्ध तर्पण पितरों को सीधे प्राप्त होता है, जिससे प्रसन्न होकर वे अपने परिवार को बाधाओं से बचाते हैं। वहीं, इस समय जो वंशज अपने पितरों का श्राद्ध-तर्पण आदि नहीं करते हैं, उनसे पूर्वज रूष्ट हो सकते हैं, और उनके प्रकोप के कारण आपके जीवन में बाधा आ सकती है। जिन जातकों की कुंडली में पितृ दोष है, उन्हें पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, व पिंडदान करके इस दोष से छुटकारा मिल सकता है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
Back to top button
error: Content is protected !!