
खपरी डबल मर्डर केस का 48 घंटे में खुलासा: चोरी की नीयत से घुसे आरोपियों ने बुजुर्ग दंपति की ली जान
NTN NEWS REPORT// जांजगीर, 03 अप्रैल 2026।
जांजगीर जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खपरी में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। चोरी की नीयत से घर में घुसे आरोपियों ने जाग जाने पर बुजुर्ग दंपति पर चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। मामले में मुख्य आरोपी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई थाना मुलमुला एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
1 अप्रैल को घर में मिले थे खून से लथपथ शव
दिनांक 01 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 8 बजे थाना मुलमुला को सूचना मिली कि ग्राम खपरी निवासी संतराम साहू (70 वर्ष) और उनकी पत्नी श्यामबाई साहू (65 वर्ष) अपने घर में मृत अवस्था में पड़े हैं। दोनों के शव खून से लथपथ हालत में मिले थे।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय स्वयं घटनास्थल पहुंचे और निरीक्षण किया। तत्काल फारेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड एवं फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाकर साक्ष्य संकलन कराया गया।
साइबर और मुलमुला थाना की संयुक्त जांच
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक प्रदीप सोरी एवं उप पुलिस अधीक्षक योगिताबाली खापर्डे के नेतृत्व में साइबर टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों का बारीकी से विश्लेषण किया।
गांव में मुखबिर तंत्र सक्रिय कर पुलिस ने रात्रि कैंप किया और मृतक परिवार व आसपास के लोगों से पृथक-पृथक पूछताछ की। जांच में सामने आया कि बुजुर्ग दंपति गांव में अकेले रहते थे और किसी से उनकी दुश्मनी नहीं थी।
चोरी की नीयत से घुसे थे आरोपी
घटनास्थल की स्थिति और शवों के निरीक्षण से स्पष्ट हुआ कि आरोपी चोरी के उद्देश्य से घर में घुसे थे। जांच के दौरान पता चला कि ग्राम खपरी निवासी गजेन्द्र पाल दिनकर घटना के बाद से गांव में नहीं दिख रहा है।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने गजेन्द्र को उसके ससुराल ग्राम नवागांव, थाना मल्हार से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसके हाथ की दो उंगलियों में गहरे कट के निशान मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
आरोपी गजेन्द्र पाल दिनकर और सुरेन्द्र यादव ने मिलकर योजना बनाई थी। सुरेन्द्र पहले मृतक परिवार के यहां शादी में वीडियोग्राफी कर चुका था, जिससे उसे जानकारी थी कि घर में पैसे और जेवर हैं तथा दंपति अकेले रहते हैं।
पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने नकली बाल, टोपी और मास्क का इस्तेमाल किया। दोनों छत के रास्ते घर में घुसे।
- संतराम साहू के जागने पर सुरेन्द्र यादव ने चाकू से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
- शोर सुनकर उठी श्यामबाई साहू पर गजेन्द्र ने गले और चेहरे पर धारदार हथियार से वार किया, जिससे उनकी भी मृत्यु हो गई।
इसके बाद आरोपियों ने महिला के गले से सोने का हार और पैरों से चांदी की पायल उतार ली और फरार हो गए।
पिता ने छिपाया लूटा गया सोना, भाई ने भागने में की मदद
गजेन्द्र ने लूटा गया सोने का हार अपने पिता श्यामरतन दिनकर को दे दिया, जिन्होंने उसे अपने भाई के गाय कोठा में छिपा दिया।
घटना में प्रयुक्त चाकू को एक आरोपी ने नहर किनारे खेत की मेड़ में छिपाया, जबकि दूसरे ने पायल और चाकू को अपने घर के शौचालय के पास छिपाया।
घटना के बाद गजेन्द्र ने अपने बड़े भाई विजेन्द्र पाल दिनकर को पूरी जानकारी दी। विजेन्द्र ने अपनी मोटरसाइकिल (सीजी 11 ए डब्ल्यू 0357) से उसे ससुराल छोड़कर भागने में मदद की।
चार आरोपी गिरफ्तार, हथियार और जेवर जब्त
पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- गजेन्द्र पाल दिनकर (24 वर्ष)
- सुरेन्द्र यादव (25 वर्ष)
- श्यामरतन दिनकर (53 वर्ष)
- विजेन्द्र पाल दिनकर (26 वर्ष)
जब्त सामग्री:
- घटना में प्रयुक्त दो चाकू
- एक सोने का हार
- एक जोड़ी चांदी की पायल
- मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 11 ए डब्ल्यू 0357
48 घंटे में बड़ी सफलता
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में साइबर थाना एवं मुलमुला थाना की संयुक्त टीम ने महज 48 घंटे के भीतर अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक सागर पाठक (सायबर थाना), पारस पटेल (थाना प्रभारी मुलमुला) सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 108/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्राम खपरी में हुए इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। त्वरित और सुनियोजित पुलिस कार्रवाई से मामले का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करना पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।