NTN REPORT// प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे के दौरान भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को नई दिशा मिली है। शनिवार को द हेग में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पीएम मोदी और नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने दोनों देशों के संबंधों को “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक बढ़ाने का ऐलान किया। इस दौरान रक्षा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, कृषि, ऊर्जा, तकनीक और क्रिटिकल मिनरल्स समेत कई क्षेत्रों में 17 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जताई चिंता
बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को गंभीर विषय बताया गया।
दोनों नेताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और व्यापार वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में “फ्रीडम ऑफ नेविगेशन” यानी सुरक्षित और खुले समुद्री मार्गों के समर्थन पर जोर दिया।
माना जा रहा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है। दुनिया की लगभग 20 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है, ऐसे में वहां किसी भी प्रकार का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
यूक्रेन युद्ध पर बातचीत और कूटनीति पर जोर
भारत और नीदरलैंड्स के नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने माना कि इस संघर्ष का समाधान केवल बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही संभव है।
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
लॉन्च हुआ “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप”
बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड्स ने “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप रोडमैप” लॉन्च किया। इस रोडमैप के जरिए व्यापार, रक्षा, इनोवेशन और तकनीकी सहयोग को नई गति देने की योजना बनाई गई है।
ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने साझा रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा।
रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई। इसके तहत रक्षा उपकरणों और आधुनिक सिस्टम के संयुक्त निर्माण पर काम किया जा सकता है।
इस सहयोग में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) और रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा।
सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स पर भी सहमति
सेमीकंडक्टर सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए नीदरलैंड्स के “सेमिकॉन कॉम्पिटेंस सेंटर” को भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़ने की पहल का स्वागत किया गया।
इसके अलावा दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स की मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने पर भी सहमति जताई, ताकि भविष्य की तकनीकी और औद्योगिक जरूरतों को सुरक्षित किया जा सके।
तेजी से बढ़ रहा भारत-नीदरलैंड्स व्यापार
भारत और नीदरलैंड्स के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
नीदरलैंड्स भारत में चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक भी है। वहीं पोर्ट ऑफ रॉटरडैम भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का महत्वपूर्ण गेटवे माना जाता है।
आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” पर जोर
बैठक में आतंकवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिया।
दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाना समय की जरूरत है और इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार का दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।