NTN REPORT// नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शनिवार को मौसम ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का एहसास कराया। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का हीट इंडेक्स यानी ‘फील्स लाइक’ तापमान 51.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस साल का सबसे अधिक स्तर है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दिल्ली में वास्तविक तापमान 51 डिग्री सेल्सियस था।

मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार उस समय असली हवा का तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यानी थर्मामीटर और हीट इंडेक्स दोनों के आंकड़े सही हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग चीजों को दर्शाते हैं।
क्या होता है हीट इंडेक्स और क्यों बढ़ जाता है खतरा?
हीट इंडेक्स वह तापमान होता है, जो बताता है कि तापमान और हवा में मौजूद नमी को मिलाकर इंसान के शरीर को गर्मी कितनी महसूस हो रही है।
हवा में मौजूद पानी की भाप यानी नमी बढ़ने पर शरीर के लिए खुद को ठंडा रखना मुश्किल हो जाता है। सामान्य परिस्थितियों में शरीर पसीने के जरिए गर्मी बाहर निकालता है। पसीना त्वचा से निकलकर हवा में वाष्प बनकर उड़ता है और शरीर को ठंडक मिलती है।
लेकिन जब हवा में पहले से ही नमी ज्यादा होती है, तो पसीना आसानी से नहीं सूखता। ऐसे में शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम कमजोर पड़ जाता है और गर्मी ज्यादा खतरनाक महसूस होने लगती है।
वेट-बल्ब तापमान से समझी जाती है असली परेशानी
वैज्ञानिक गर्मी और नमी के संयुक्त प्रभाव को समझने के लिए वेट-बल्ब तापमान का इस्तेमाल करते हैं। इसमें थर्मामीटर को गीले कपड़े से ढककर हवा दी जाती है।
अगर हवा सूखी होती है तो पानी जल्दी वाष्पित होता है और तापमान तेजी से नीचे जाता है। लेकिन नम हवा में पानी पहले से मौजूद होने के कारण वाष्पीकरण धीमा हो जाता है।
शनिवार को दिल्ली का वेट-बल्ब तापमान 29.77 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह आंकड़ा सुनने में सामान्य लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह भी चिंता बढ़ाने वाला स्तर है।
32 डिग्री वेट-बल्ब पर बढ़ जाता है जान का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार:
- करीब 32 डिग्री सेल्सियस वेट-बल्ब तापमान पर स्वस्थ और गर्मी के आदी व्यक्ति के लिए भी लंबे समय तक बाहर काम करना मुश्किल हो सकता है।
- करीब 35 डिग्री सेल्सियस वेट-बल्ब तापमान पर शरीर का पसीने से ठंडा होने का तरीका लगभग काम करना बंद कर देता है।
ऐसी स्थिति में शरीर का तापमान नियंत्रित करना बेहद कठिन हो जाता है।
दिल्ली में इस बार क्यों महसूस हो रही है ‘गीली गर्मी’?
इस बार अरब सागर से आने वाली हवाएं उत्तर-पश्चिम भारत में नमी ला रही हैं। दिल्ली की सामान्य गर्मी आमतौर पर सूखी होती है, जिसमें पसीना आसानी से सूख जाता है। लेकिन इस बार नमी ज्यादा होने के कारण गर्मी ‘गीली गर्मी’ में बदल गई है। यही वजह है कि 41 डिग्री तापमान भी शरीर को 50 डिग्री से ज्यादा जैसा महसूस हो रहा है।
कब मिलेगी गर्मी से राहत?
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार के बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है। आने वाले दिनों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। शुक्रवार तक रात के तापमान में भी कमी आने की संभावना है और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
वहीं, मानसून के दिल्ली पहुंचने की संभावना 4 जुलाई के बाद जताई गई है।
दिल्ली में 51.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज नहीं हुआ था, बल्कि यह हीट इंडेक्स था, जो नमी के कारण शरीर को महसूस होने वाली गर्मी को दर्शाता है। इस समय असली चुनौती सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि गर्मी के साथ बढ़ी हुई नमी है, जो स्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।