गर्दन से 9,860 किलो की बस खींचकर एग्मंड मोलिना ने रचा इतिहास, बनाया नया विश्व रिकॉर्ड
NTN REPORT// दुनिया में अपनी ताकत और हौसले से लोगों को हैरान करने वाले खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन अरूबा के ताकतवर खिलाड़ी एग्मंड मोलिना ने जो कर दिखाया, उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। 49 वर्षीय एग्मंड मोलिना ने केवल अपनी गर्दन की मदद से करीब 9,860 किलोग्राम यानी 21,737 पाउंड वजन वाली बस को 20 मीटर तक खींचकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

इस शानदार उपलब्धि के साथ एग्मंड ने यूक्रेन के दिमित्रो ह्रुंस्की का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। दिमित्रो ने वर्ष 2024 में 8,060 किलोग्राम वजन वाले वाहन को गर्दन से खींचकर रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन एग्मंड ने उससे कहीं ज्यादा भारी बस खींचकर नया इतिहास रच दिया।
‘ह्यूमन क्रेन’ के नाम से मशहूर हैं एग्मंड
एग्मंड मोलिना को दुनिया ‘ह्यूमन क्रेन’ यानी मानव क्रेन के नाम से जानती है। उनकी पहचान केवल एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके नाम कई अनोखे और हैरान कर देने वाले विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं।
उन्होंने पहले भी एक उंगली से बस खींचने, ट्राम खींचने और दांतों से भारी वजन उठाने जैसे कई कारनामे किए हैं। एग्मंड ने एक उंगली की मदद से 20 मीटर तक बस खींचने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा उन्होंने केवल एक उंगली से 159 किलोग्राम वजन उठाकर भी विश्व रिकॉर्ड कायम किया।
इतना ही नहीं, उन्होंने कमर बेल्ट की मदद से 1,002 किलोग्राम से अधिक वजन उठाकर भी अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। खास बात यह है कि एग्मंड का खुद का वजन मात्र 87 किलोग्राम है, लेकिन उनकी ताकत दुनिया के लिए किसी अजूबे से कम नहीं मानी जाती।
परिवार और देश से मिलती है प्रेरणा
एग्मंड का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा उनका परिवार और उनका देश अरूबा है। अरूबा एक छोटा द्वीपीय देश है, जिसकी आबादी करीब 1 लाख 10 हजार है। एग्मंड चाहते हैं कि दुनिया यह देखे कि छोटे देशों से भी बड़े खिलाड़ी निकल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके सभी रिकॉर्ड उनके परिवार और देश को समर्पित हैं। एग्मंड अपने चार बच्चों — निगेल, एग्मंड जूनियर, बेंजामिन और एडेलिंडा — को गर्व महसूस कराना चाहते हैं। साथ ही वे अपने देश के युवाओं को अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास का संदेश देना चाहते हैं।
रिकॉर्ड बनाने के दौरान झेली कई गंभीर चोटें
इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल करना एग्मंड के लिए आसान नहीं रहा। अपने करियर के दौरान उन्हें कई गंभीर चोटों का सामना करना पड़ा। बस खींचते समय उनकी उंगली की स्किन तक फट गई थी। एक अन्य रिकॉर्ड के दौरान उनके जबड़े में सूजन आ गई थी।
इसके अलावा भारी प्लेटफॉर्म उठाते समय उनके घुटने में चोट लगी, जबकि ट्राम खींचने के दौरान उनके कंधे में गहरा घाव हो गया था।
हाल ही में बनाए गए बस खींचने वाले रिकॉर्ड के दौरान भी उन्हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एग्मंड ने बताया कि गर्दन पर बंधी रस्सी की वजह से उनकी सांस की नली दब रही थी, जिससे सांस लेना बेहद कठिन हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास के दम पर रिकॉर्ड पूरा किया।
मानसिक और शारीरिक ताकत की मिसाल बने एग्मंड
एग्मंड का मानना है कि ऐसे रिकॉर्ड केवल शारीरिक ताकत से नहीं बनते, बल्कि इसके लिए मानसिक मजबूती भी बेहद जरूरी होती है। कई बार गंभीर चोटों और दर्द के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।
आज एग्मंड मोलिना दुनिया भर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मजबूत इरादे, अनुशासन और मेहनत के दम पर कोई भी इंसान असंभव को संभव बना सकता है।