“बर्तन मांजने से अच्छा ऑटो चलाना…”: बेंगलुरु की महिला ऑटो ड्राइवर की कहानी ने जीता लोगों का दिल
सोशल मीडिया पर वायरल हुई आत्मनिर्भरता की मिसाल
NTN REPORT// आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। जिन कामों को कभी केवल पुरुषों तक सीमित माना जाता था, आज महिलाएं वही जिम्मेदारियां पूरे आत्मविश्वास और सम्मान के साथ निभा रही हैं। इसी बीच बेंगलुरु की एक महिला ऑटो ड्राइवर की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने लाखों लोगों को प्रेरित किया है।

अमेज़न कर्मचारी ने शेयर किया वीडियो
बेंगलुरु में रहने वाली श्रेयाशी सिन्हा, जो अमेज़न में कार्यरत हैं, ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में एक महिला ऑटो चलाती हुई दिखाई दे रही है। श्रेयाशी ने बताया कि उन्होंने एक दिन ऑटो बुक किया था। जब महिला ड्राइवर उन्हें लेने पहुंची, तब उसके मोबाइल फोन में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही थी। ऐसे में उसने श्रेयाशी से रास्ता बताने में मदद मांगी।
रास्ते के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और इसी बातचीत में महिला ने अपने काम को लेकर ऐसी बात कही, जिसने लोगों का दिल छू लिया।
“बर्तन मांजने से अच्छा ऑटो चलाना”
श्रेयाशी ने महिला से पूछा कि उसने ऑटो चलाने का काम क्यों चुना। इस सवाल के जवाब में महिला ने मुस्कुराते हुए कहा,
“बर्तन मांजने से तो अच्छा है ऑटो चलाना, क्योंकि मुझे घूमना भी पसंद है। यहां समय की कोई पाबंदी नहीं है। जितना मन करे, जब मन करे ऑटो चला सकती हूं और कहीं भी जा सकती हूं।”
महिला का यह साधारण लेकिन बेहद प्रभावशाली जवाब सोशल मीडिया पर लोगों को खूब पसंद आ रहा है। लोगों ने इसे आत्मनिर्भरता, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान की सोच से जोड़कर देखा।
स्वतंत्रता और सम्मान को चुना
महिला ने बातचीत के दौरान साफ कहा कि वह ऐसा काम करना चाहती थी जिसमें उसे अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने का अवसर मिले। वह किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहती थी और अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाना चाहती थी।
श्रेयाशी सिन्हा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें उन महिलाओं पर गर्व है जो ऐसे काम चुनती हैं जो उन्हें स्वतंत्रता और आत्मसम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि महिला का आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच उन्हें काफी प्रेरित कर गई।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ
वीडियो वायरल होने के बाद लाखों लोगों ने इसे देखा और महिला की सराहना की। सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट कर महिला के आत्मविश्वास और सोच की तारीफ की।
एक यूजर ने लिखा,
“हर उस महिला को सलाम जो अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेती है।”
वहीं दूसरे यूजर ने कहा,
“यह सिर्फ ऑटो नहीं चला रहीं, बल्कि अपनी जिंदगी खुद चला रही हैं।”
कई लोगों ने यह भी कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। सबसे जरूरी बात यह है कि इंसान मेहनत और सम्मान के साथ अपना काम करे।
महिलाओं की बदलती सोच की मिसाल
यह कहानी केवल एक महिला ऑटो ड्राइवर की नहीं, बल्कि बदलते समाज और महिलाओं की नई सोच की मिसाल बन गई है। आज महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि अपनी मेहनत और फैसलों के दम पर अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं।
बेंगलुरु की इस महिला ने यह साबित कर दिया कि जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण चीज अपनी पसंद की जिंदगी जीना, आत्मनिर्भर बनना और खुद पर भरोसा रखना है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।