‘धुरंधर’ की स्टार सिंगर जैस्मिन सैंडलस का छलका दर्द: शराब की लत, पिता का निधन और टूटते रिश्तों पर किया भावुक खुलासा
NTN NEWS REPORT // ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर द रिवेंज’ में अपनी दमदार आवाज से फैंस का दिल जीत चुकी सिंगर जैस्मिन सैंडलस इन दिनों अपनी सफलता का आनंद ले रही हैं। फिल्म में गाए उनके गाने ‘शरारत’, ‘मैं और तू’, ‘जाइए सजना’ और ‘आरी आरी’ को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। लेकिन इसी बीच सिंगर ने अपनी निजी जिंदगी के संघर्षों पर खुलकर बात कर सबको भावुक कर दिया।

पॉडकास्ट में किया दिल खोलकर खुलासा
हाल ही में रणवीर अलाहाबादिया के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जैस्मिन ने अपने जीवन के कठिन दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब पर्सनल लाइफ के तनाव और दर्द से जूझते हुए उन्होंने शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया था।
जैस्मिन ने कहा,
“मैंने जिंदगी में बहुत संघर्ष किया है। बड़े होते हुए कई ऐसे दौर आए जब मैं खुद को समझने की कोशिश कर रही थी। वो सफर बिल्कुल आसान नहीं था। जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, और यह पेरेंट्स और बच्चों—दोनों के लिए मुश्किल होता है।”
“2-3 साल तक शराब पी, अब पछतावा है”
सिंगर ने स्वीकार किया कि करीब 2-3 साल तक उन्होंने जरूरत से ज्यादा शराब पी। उन्होंने कहा कि उस दौरान कई चीजें एक साथ हो रही थीं—एक तरफ वे प्रोफेशनली मशहूर हो रही थीं, वहीं दूसरी तरफ निजी जीवन में उथल-पुथल मची हुई थी।
उनके मुताबिक,
“मेरे परिवार के रिश्ते बिखर गए थे। मेरे पिता का निधन हो गया था। मैंने हद से ज्यादा शराब पीनी शुरू कर दी थी। आज मुझे उसका पछतावा है, लेकिन उस समय मुझे लगा कि वही जरूरी था।”
बचपन के जख्म आज भी ताजा
जैस्मिन ने यह भी बताया कि बचपन में माता-पिता के साथ रिश्तों में आई खटास का असर आज भी उनके दिल पर है। उन्होंने कहा कि अनजाने में कई बार उनका दिल टूटा, जिसकी कड़वाहट कहीं न कहीं मन में रह गई।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा,
“मैं अपने माता-पिता से प्यार करती हूं, लेकिन जब एक बच्चे का दिल टूटता है, तो वो टूटा ही रह जाता है। जब आपके पास भागकर जाने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं होती, तो आप हर चीज में सहारा ढूंढने लगते हैं। मैंने पूरी जिंदगी एक घर की तलाश की है।”
जालंधर से कैलिफोर्निया तक का सफर
जैस्मिन सैंडलस का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था। बाद में वे कैलिफोर्निया में पली-बढ़ीं। उन्होंने अपने म्यूजिक करियर की शुरुआत साल 2008 में की। इसके बाद उन्होंने बोहमिया के साथ ‘गुलाबी’ एल्बम में काम किया।
उन्हें बड़ी पहचान किक के गाने ‘यार ना मिले’ से मिली, जिसे उन्होंने यो यो हनी सिंह के साथ गाया था। यह गाना सुपरहिट साबित हुआ और जैस्मिन रातोंरात चर्चित हो गईं।
सफलता के बीच संवेदनशील सच
‘धुरंधर’ की सफलता के बीच जैस्मिन का यह खुलासा बताता है कि चमकती दुनिया के पीछे अक्सर गहरा संघर्ष छिपा होता है। आज वे अपने करियर के बेहतरीन दौर में हैं, लेकिन उन्होंने यह साफ किया कि दर्द और टूटन ने ही उन्हें मजबूत बनाया है।
फिलहाल फैंस उनकी ईमानदारी और साहस की सराहना कर रहे हैं। सफलता के शिखर पर खड़ी यह सिंगर अब अपने अतीत से सीख लेकर आगे बढ़ रही हैं।