
सिर्फ 8 घंटे काम की मांग पर बवाल! दो फिल्मों से बाहर होने के बाद दीपिका पादुकोण की बड़ी सफाई — “ओवरवर्किंग को हमने नॉर्मल बना दिया है”
NTN NEWS REPORT// मुंबई, 17 नवंबर 2025।
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण इस साल लगातार सुर्खियों में हैं। मां बनने के बाद उन्होंने अपने कामकाज के घंटे सीमित करते हुए सिर्फ 8 घंटे शूटिंग की मांग की थी, जिसके बाद उनके हाथ से दो बड़ी फिल्में— ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2’ निकल गईं। अब दीपिका ने इस पूरे विवाद पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है और ओवरवर्किंग की संस्कृति पर तीखी टिप्पणी की है।
‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2’ क्यों गईं हाथ से?
दीपिका पादुकोण को संदीप रेड्डी वांगा की आगामी फिल्म ‘स्पिरिट’ में कास्ट किया गया था, लेकिन अभिनेत्री द्वारा प्रतिदिन 8 घंटे काम की सीमा रखने के कारण डायरेक्टर ने उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया। उनकी जगह अब तृप्ति डिमरी नजर आएंगी।
इसी तरह नाग अश्विन ने भी दीपिका को ‘कल्कि 2’ से रिप्लेस कर दिया। डायरेक्टर का कहना था कि फिल्म को “पूर्ण समर्पण” चाहिए, जो इस वक्त दीपिका नहीं दे पाएंगी।
दीपिका ने चुप्पी तोड़ी — “ओवरवर्किंग को नॉर्मल बना दिया है”
हार्पर बाजार इंडिया से बातचीत में दीपिका ने साफ कहा कि उनका 8 घंटे की शिफ्ट का आग्रह पूरी तरह ‘मानवीय जरूरतों’ पर आधारित था।
दीपिका बोलीं— “हमने ओवरवर्किंग को नॉर्मल बना दिया है। हम बर्नआउट को कमिटमेंट समझ लेते हैं। इंसानी शरीर और दिमाग के लिए दिन के आठ घंटे का काम काफी है। जब आप ठीक होंगे तभी सही काम कर पाएंगे।” उन्होंने बताया कि उनके अपने ऑफिस में भी सोमवार से शुक्रवार तक केवल 8 घंटे काम होता है। “हमने मदरहुड और फादरहुड के लिए अलग नीतियां बनाई हैं। बच्चों को काम पर लाना सामान्य बनना चाहिए।”
मां बनने के बाद की चुनौतियों पर दीपिका का दर्द
दीपिका ने उन कठिनाइयों का भी जिक्र किया जिनका सामना नई मां को करना पड़ता है। उन्होंने कहा— “मां और ममता से जुड़ी हर कहावत सच होती है। जब मां कहती हैं ‘तुम्हें तब समझ आएगा जब तुम मां बनोगी’, तो वह बिल्कुल सही है। अब मुझे अपनी मां के प्रति और भी सम्मान महसूस होता है।”
उन्होंने स्वीकार किया कि मदरहुड और करियर के बीच संतुलन बनाना जितना आसान लगता है, असलियत उससे बहुत अलग होती है।
“नई मां को सपोर्ट की जरूरत होती है”
दीपिका का कहना है कि वह आगे चलकर नई माताओं को सपोर्ट देने और वर्क–लाइफ़ बैलेंस पर ज्यादा काम करना चाहती हैं। “नई मां को काम पर लौटने के लिए सपोर्ट चाहिए। यह वो चीज़ है जिस पर मैं फोकस करना चाहती हूं।”

दीपिका पादुकोण के इस बयान ने फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटे, बर्नआउट और मातृत्व के अधिकारों पर नई बहस छेड़ दी है।