NTN REPORT// जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, सरकारी नौकरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति हासिल करने की लालच में एक युवती ने अपनी ही विधवा मां की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि वारदात को सड़क हादसे का रूप देने के लिए करीब सात लाख रुपये की सुपारी देकर पूरी योजना तैयार की गई, लेकिन पुलिस की त्वरित जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कथित साजिश का पर्दाफाश हो गया।

पिता की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले लोअर कोर्ट में एलडीसी के पद पर कार्यरत विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा का निधन हो गया था। उनके परिवार में पत्नी निरज शर्मा, बेटी आयुषी शर्मा और मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा था। पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति को लेकर परिवार में चर्चा हुई। शुरुआत में बेटी ने नौकरी करने की इच्छा जताई, लेकिन बाद में परिवार की परिस्थितियों और दिव्यांग बेटे की देखभाल को देखते हुए निरज शर्मा ने स्वयं अनुकंपा के आधार पर नौकरी स्वीकार कर ली।
बताया जा रहा है कि मां के इस फैसले से बेटी नाराज हो गई और उसने अलग रहना शुरू कर दिया। इसी दौरान वह विधि की पढ़ाई कर रही थी।
करोड़ों की संपत्ति और नौकरी पाने के लिए रची गई कथित साजिश
जांच एजेंसियों का दावा है कि युवती ने अपनी मां की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने और परिवार की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन तथा मकानों पर अधिकार हासिल करने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में परिवार के कुछ अन्य लोगों की भी कथित भूमिका सामने आई है।
आरोप है कि वारदात को सामान्य सड़क दुर्घटना दिखाने के उद्देश्य से कार से कुचलकर हत्या करने की योजना बनाई गई, ताकि किसी को हत्या का संदेह न हो।
पहले भी हुई थी हत्या की कथित कोशिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना से लगभग एक महीने पहले भी पीड़िता को वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह बच गई थीं। इसके बाद उन्हें अपनी जान को खतरे की आशंका होने लगी थी। सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए और बाहर निकलना भी काफी हद तक कम कर दिया था।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर उन्हें घर से बाहर निकालने के लिए अंधविश्वास और टोने-टोटके जैसी गतिविधियों का सहारा लिया गया, ताकि मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया जा सके।
जरूरी काम का बहाना बनाकर बुलाया, लौटते समय हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई को निरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे के साथ फिजियोथेरेपी के लिए गई थीं। इसी दौरान उन्हें जरूरी काम का हवाला देकर घर लौटने के लिए कहा गया। जैसे ही वह वापस लौट रही थीं, रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने कथित तौर पर वाहन से टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज और जांच से खुली साजिश की परतें
शुरुआत में मामला सड़क हादसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान हत्या की कथित साजिश का खुलासा हुआ और पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सहयोग नहीं करने का दावा
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी युवती लगातार टालमटोल करती रही और संतोषजनक जवाब नहीं दे रही थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद भी उसके व्यवहार में किसी प्रकार का पछतावा दिखाई नहीं दिया। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस कर रही है मामले की विस्तृत जांच
पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में सभी आरोपियों की भूमिका, आर्थिक लाभ के संभावित उद्देश्य और साजिश के प्रत्येक पहलू की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
(नोट: इस समाचार में वर्णित सभी आरोप पुलिस जांच और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित हैं। आरोपों का अंतिम सत्यापन न्यायालय की प्रक्रिया और निर्णय के अधीन होगा।)
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।