जुलाई में जीएसटी से केंद्र सरकार की बंपर कमाई, 15.4% बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये पहुंचा राजस्व!
लगातार दूसरे महीने 2 लाख करोड़ रुपये के पार रहा जीएसटी कलेक्शन, आयात से टैक्स संग्रह में सबसे तेज बढ़ोतरी!
NTN REPORT// केंद्र सरकार को जुलाई 2026 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से रिकॉर्ड स्तर का राजस्व प्राप्त हुआ है। सरकार द्वारा जारी मासिक जीएसटी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में सकल जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा महीना है जब जीएसटी संग्रह 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े से ऊपर रहा है, जो देश में मजबूत आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन और आयात से बढ़े कर संग्रह का संकेत माना जा रहा है।

घरेलू कारोबार और आयात दोनों से बढ़ा राजस्व
जुलाई 2026 में घरेलू लेनदेन से सकल जीएसटी संग्रह 10.1 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, आयात से मिलने वाला जीएसटी संग्रह 28.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी के साथ 66,511 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी वजह से कुल सकल जीएसटी संग्रह बढ़कर 2.11 लाख करोड़ रुपये हो गया।
रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध (नेट) जीएसटी संग्रह 1.81 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.8 प्रतिशत अधिक है। घरेलू स्रोतों से शुद्ध जीएसटी राजस्व 10.5 प्रतिशत बढ़कर 1.27 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि आयात पर शुद्ध जीएसटी संग्रह 30.3 प्रतिशत बढ़कर 54,223 करोड़ रुपये पहुंच गया।
रिफंड में भी दो अंकों की वृद्धि
जुलाई महीने में जीएसटी रिफंड में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुल रिफंड 13.1 प्रतिशत बढ़कर 29,968 करोड़ रुपये हो गया।
वहीं, आईसीईगेट प्रणाली के माध्यम से जारी किए गए निर्यात रिफंड में 22.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 12,288 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसे निर्यातकों के लिए सरकार के निरंतर सहयोग का संकेत माना जा रहा है।
चार महीनों में 8.43 लाख करोड़ रुपये का संग्रह
वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल से जुलाई तक के पहले चार महीनों में सकल जीएसटी संग्रह 8.43 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 7.66 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 10.1 प्रतिशत अधिक है।
इसी अवधि में शुद्ध जीएसटी संग्रह 9.2 प्रतिशत बढ़कर 7.21 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
राज्यों में हरियाणा सबसे आगे, कई राज्यों में गिरावट
राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो जुलाई में हरियाणा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जहां जीएसटी संग्रह में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसके बाद गुजरात और तेलंगाना में 19-19 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही। पंजाब और केरल में 16 प्रतिशत तथा उत्तर प्रदेश में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
देश में सबसे अधिक जीएसटी योगदान देने वाले महाराष्ट्र में संग्रह 13 प्रतिशत बढ़ा, जबकि कर्नाटक में 12 प्रतिशत और दिल्ली में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि, कुछ राज्यों में जीएसटी संग्रह में गिरावट भी देखने को मिली। हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक 22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा उत्तराखंड में 18 प्रतिशत, पुडुचेरी में 17 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 10 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 5 प्रतिशत और तमिलनाडु में 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
आर्थिक मजबूती का संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद लगातार दूसरे महीने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी संग्रह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती, बढ़ती खपत, बेहतर कर अनुपालन और आयात गतिविधियों में तेजी का संकेत देता है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।