
रिश्वतखोर लेखापाल और पटवारी पकड़ाए रंगे हाथ
एसीबी की ताबड़तोड़ कार्यवाही
छत्तीसगढ़/रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्वच्छ शासन के परिकल्पना को सार्थक करते हुए एसीबी ने आज 02 अलग-अलग प्रकरण में लोकसेवक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोकसेवकों में (1) लेखापाल, कार्यालय जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़, जिला एम.सी.बी.का है।
प्रार्थी महेन्द्र सिंह ग्राम पंचायत लालपुर का सरपंच है। उसने एसीबी अंबिकापुर कार्यालय में शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत लालपुर में पूर्व में डी.एम.एफ. मद से एलईडी स्ट्रीट लाईट की स्थापना की गई थी जिसकी अंतिम किश्त 2.88.460 रू० की राशि का भुगतान किया जाना शेष था। उक्त कार्य के लिये प्रार्थी ने आरोपी सत्येन्द्र सिन्हा, सहायक श्रेणी-2 (लेखापाल), जनपद पंचायत, मनेन्द्रगढ़ से सम्पर्क किया तो आरोपी ने उक्त भुगतान हेतु 19,000 रू० रिश्वत की मांग की। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था अपितु आरोपी को रिश्वत लेते पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन के पश्चात् आज दिनांक 20.09.2024 को ट्रेप आयोजित कर आरोपी सत्येन्द्र सिन्हा को प्रार्थी से 19,000 रू० रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
(2)वीरेन्द्र पांडेय पटवारी, ग्राम भिट्टीकला जिला अंबिकापुर
- प्रार्थी श्री डोमन राम राजवाड़े, ग्राम भिट्टीकला , अंबिकापुर ने एसीबी, अंबिकापुर कार्यालय में शिकायत की थी कि उसके पिता के नाम ग्राम भिट्टीकला में पैतृक भूमि थी, पिता की मृत्यु हो जाने से उक्त भूमि उसकी माता एवं 04 भाईयों के नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज होना था। प्रार्थी ने इस हेतु वीरेन्द्र पाडेय, पटवारी, ग्राम मिट्टीकला, अंबिकापुर से सम्पर्क किया तो उसने उपरोक्त कार्य को करने हेतु 5000 रू० रिश्वत की मांग की। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था अपितु आरोपी को रिश्वत लेते पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन के पश्चात् आज दिनांक 20.09.2024 को ट्रेप आयोजित कर आरोपी वीरेन्द्र पांडेय को प्रार्थी से 5,000 रु० रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। ज्ञातव्य हो कि ग्रामवासी आरोपी पटवारी के भ्रष्टाचार से व्यथित थे अतः एकजुट होकर एसीबी कार्यालय में शिकायत किये थे ।

उपरोक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।