
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी की अगुवाई में जिला पंचायत की बड़ी पहल: खरीफ से पेयजल तक व्यवस्थाओं पर कड़ा एक्शन प्लान
जिला पंचायत की सामान्य सभा में खाद आपूर्ति, जल संकट और सचिवों के स्थानांतरण पर अहम निर्देश
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा, 7 अप्रैल 2026। जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों, धान खरीदी, पंचायतों की कार्यप्रणाली, निर्माण कार्यों की प्रगति, पेयजल व्यवस्था तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही पूर्व बैठक में पारित प्रस्तावों के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
खरीफ सीजन को लेकर सतर्कता, खाद भंडारण व वितरण पर जोर
बैठक में आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि संबंधी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। किसानों की संभावित जरूरतों के अनुसार खाद की मांग, उपलब्ध स्टॉक, भंडारण की स्थिति तथा वितरण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खाद का पर्याप्त स्टॉक पूर्व से सुनिश्चित किया जाए और वितरण प्रणाली पारदर्शी एवं सुचारू रहे, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। गोदामों में सुरक्षित भंडारण, समयबद्ध परिवहन योजना तथा समितियों के माध्यम से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही खाद वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए किसी भी कमी या समस्या का त्वरित निराकरण करने कहा गया।

धान खरीदी और उठाव की स्थिति की समीक्षा
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपार्जन केंद्रों की कार्यप्रणाली, कुल खरीदी गई धान की मात्रा, पंजीकृत किसानों की संख्या, धान नहीं बेचने वाले किसानों का विवरण तथा खरीदे गए धान के कुल रकबे की जानकारी पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही उपार्जन केंद्रों से मिलरों को भेजे गए धान तथा 31 मार्च 2026 तक हुए धान उठाव की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
गर्मी में पेयजल व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए गांव-गांव में संभावित पेयजल समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। स्पष्ट कहा गया कि किसी भी ग्राम में पानी की कमी या बाधा की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए।
हैंडपंप, नल-जल योजनाओं एवं अन्य जल स्रोतों की नियमित जांच और मरम्मत पर विशेष जोर दिया गया। जल जीवन मिशन के तहत स्थापित टंकियों से नियमित और सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संबंधित विभागों को पाइपलाइन, मोटर और वितरण प्रणाली की सतत मॉनिटरिंग कर तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने कहा गया।
5 वर्ष से एक ही स्थान पर पदस्थ सचिवों के स्थानांतरण के निर्देश
बैठक में पंचायत सचिवों की पदस्थापना संबंधी जानकारी प्रस्तुत की गई। प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ऐसे सचिव जो पिछले 5 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, उन्हें समन्वय के आधार पर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मूल गांव में पदस्थापना नहीं देने के निर्देश भी जारी किए गए। इस विषय की समीक्षा आगामी बैठक में की जाएगी।
बकाया जल बिल नहीं चुकाने वाले उद्योगों पर होगी कार्रवाई
जिले में संचालित उद्योगों एवं उसना राइस मिलों द्वारा जल उपयोग की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सभी उद्योगों को अपने दैनिक जल उपयोग, पानी के स्रोत, बकाया जल बिल तथा बोरवेल/जल उपयोग अनुमति से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रारूप में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने कहा गया।
जिन संस्थानों द्वारा जल बिल का भुगतान नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध वसूली कार्रवाई की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में 10 अप्रैल 2026 को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की आवश्यक जानकारी सहित विशेष बैठक आहूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन कुमार जयपुरिया, जिला पंचायत समिति के सभापति एवं सदस्य प्रियंका सिंह क्षत्री, राजकुमार साहू, नेहा साहू, संतोषी सिंह रात्रे, प्रीति दिव्य, प्रमिला साहू, महादेव नेताम, उर्मिला यादव, बबीता रात्रे, शशिकला सिंह, उमा राजेन्द्र राठौर, मोहन कुमारी साहू, आशा साव, लोकेश राठौर सहित सांसद प्रतिनिधि विवेका गोपाला, जांजगीर विधायक प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, पामगढ़ विधायक प्रतिनिधि राघवेंद्र प्रताप सिंह, सक्ती विधायक प्रतिनिधि गुलजार सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, प्रभारी उपसंचालक पंचायत पंचराम धृतलहरे तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में समन्वित प्रयासों के माध्यम से शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।