Advertisment
जांजगीर-चांपास्थानीय समाचार / शहर की खबरें

अवैध रेत कारोबार पर एसपी विजय कुमार पांडेय का बड़ा एक्शन, जिले में गठित हुई “इल्लीगल माइनिंग टास्क फोर्स”

अवैध रेत कारोबार पर एसपी विजय कुमार पांडेय का बड़ा एक्शन, जिले में गठित हुई “इल्लीगल माइनिंग टास्क फोर्स”

NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। जिले में लगातार बढ़ रहे अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और उससे जुड़े आपराधिक घटनाक्रमों पर अब पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने अवैध रेत कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और कार्रवाई के उद्देश्य से जिले में “Illegal Mining Task Force” का गठन किया है। इस संबंध में बाकायदा आदेश जारी कर दो विशेष टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जिले में लंबे समय से अवैध रेत खनन का कारोबार बेलगाम तरीके से चल रहा था। कई इलाकों में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर विवाद, गैंगवार, हत्या और मारपीट जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। हालात इस कदर बिगड़ चुके थे कि आम लोगों में भी भय का माहौल बनने लगा था। ऐसे में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने सख्त कार्रवाई करते हुए सीधे मोर्चा संभाला है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को मिली टास्क फोर्स की जिम्मेदारी

जारी आदेश के मुताबिक टास्क फोर्स का पर्यवेक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप करेंगे। वहीं इसका मुख्यालय जांजगीर में बनाया गया है। टास्क फोर्स में जिले के अलग-अलग पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जो अपने नियमित कार्यों के साथ-साथ अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेंगे।

पुलिस प्रशासन ने टास्क फोर्स को दो अलग-अलग टीमों में विभाजित किया है, ताकि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ निगरानी और कार्रवाई की जा सके। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित थाना और चौकी प्रभारी भी सूचना मिलते ही टास्क फोर्स के साथ संयुक्त कार्रवाई करेंगे।

ड्रोन से होगी निगरानी, हर गतिविधि पर रहेगी नजर

अवैध रेत कारोबारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन अब तकनीक का भी सहारा ले रहा है। आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि जिले के थाना और चौकी क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। ड्रोन ऑपरेशन की जिम्मेदारी आरक्षक राजकमल अग्रे को सौंपी गई है।

पुलिस का मानना है कि ड्रोन निगरानी से अवैध उत्खनन वाले क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और कार्रवाई में तेजी आएगी। साथ ही रात के समय होने वाले अवैध परिवहन पर भी नजर रखी जा सकेगी।

अवैध रेत कारोबार से बिगड़ रही थी जिले की कानून व्यवस्था

सूत्रों के अनुसार जिले में अवैध रेत खनन केवल आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं रह गया था, बल्कि इससे आपराधिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही थीं। रेत घाटों पर कब्जे को लेकर विवाद, आपसी गैंगवार, धमकी, मारपीट और हत्या जैसी घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी।

कई मामलों में यह भी सामने आया कि अवैध कारोबार से जुड़े लोग प्रभाव और दबदबे के बल पर नियमों को चुनौती दे रहे थे। वहीं खनिज विभाग की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर प्रभावी नजर नहीं आ रही थी। ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा गठित यह टास्क फोर्स जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

एसपी विजय कुमार पांडेय की कार्यशैली फिर चर्चा में

जिले की कमान दोबारा संभालते ही पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। प्रशासनिक कसावट और सख्त निर्णयों को लेकर उनकी कार्यशैली पहले भी चर्चा में रही है। अवैध रेत कारोबार के खिलाफ टास्क फोर्स का गठन भी उसी सख्त रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

पुलिस महकमे से जुड़े लोगों का कहना है कि एसपी पांडेय के नेतृत्व में अब जिले में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सख्ती देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अवैध रेत कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई भी देखने को मिल सकती है।

कारोबारियों में बढ़ी हलचल, कार्रवाई का बना डर

टास्क फोर्स गठन के आदेश के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल बढ़ गई है। पुलिस की सक्रियता और लगातार निगरानी की तैयारी को देखते हुए अब कारोबारियों में कार्रवाई का डर भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस अभियान से जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
Back to top button
error: Content is protected !!