
बैंक का ‘रखवाला’ ही बना लुटेरा: 2.78 करोड़ के गबन में पूर्व शाखा प्रबंधक के खिलाफ 1,290 पेज का चालान पेश
NTN REPORT// रायपुर, 13 मार्च 2026। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर ने भारतीय स्टेट बैंक की स्पेशलाइज्ड करेंसी एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (SCAB), बैजनाथ बाजार, रायपुर में हुए बहुचर्चित गबन प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायालय, जिला रायपुर (छत्तीसगढ़) में चालान पेश कर दिया है।
अपराध क्रमांक 67/2025 में आरोपी विजय कुमार अहके, तत्कालीन मुख्य शाखा प्रबंधक, SCAB, भारतीय स्टेट बैंक, बैजनाथ बाजार, रायपुर के विरुद्ध 1,290 पेज का अभियोग पत्र दस्तावेजों सहित 13 मार्च 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। आरोपी वर्तमान में केंद्रीय जेल, रायपुर में निरुद्ध है।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4), 338, 336(6), 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(ए) सहपठित धारा 13(2) के तहत अभियोजन की कार्रवाई की गई है।
कैसे किया गया 2.78 करोड़ का गबन
जांच में सामने आया कि आरोपी ने मुख्य शाखा प्रबंधक पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। उसने 28 अगस्त 2024 से 11 जून 2025 के बीच कंप्यूटर प्रणाली के माध्यम से कूटरचित ‘क्यू’ (वाउचर) तैयार कर SCAB शाखा के ब्रांच जनरल लेजर (BGL) खाते से शासकीय लोक धन का गबन किया।
आरोपी ने ‘बैच मोड प्रक्रिया’ का उपयोग कर प्रत्येक लेनदेन की राशि 5 लाख रुपये से कम रखी, ताकि बैंक के हाई वैल्यू ट्रांसफर अलर्ट सिस्टम से बचा जा सके।
इतना ही नहीं, 30 दिनों के भीतर BGL खाते की पुरानी प्रविष्टियों को रोलओवर कर नई प्रविष्टियों में परिवर्तित कर दिया जाता था, जिससे नियामक अधिकारियों को वास्तविक वित्तीय स्थिति की जानकारी न मिल सके।
75 लेनदेन में रकम ट्रांसफर, OTP खुद के मोबाइल पर
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने गबन की कुल राशि 75 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से अपनी धर्मपत्नी के बैंक खाते में स्थानांतरित की। उस खाते में आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर लिंक कर रखा था, जिससे सभी OTP स्वयं प्राप्त करता था।
इसके बाद उक्त राशि को नेट बैंकिंग के माध्यम से अपने व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर कर डेल्टा एक्सचेंज, क्रिप्टो करेंसी, कमोडिटी और ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेश किया गया।
बैंक को 2.78 करोड़ से अधिक की आर्थिक क्षति
इस पूरे प्रकरण में SCAB, बैजनाथ बाजार, रायपुर को कुल 2,78,25,491.96 रुपये (दो करोड़ अठहत्तर लाख पच्चीस हजार चार सौ इक्यानवे रुपये छियानवे पैसे) की आर्थिक क्षति हुई है।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई
जांच एजेंसी ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य, जब्त दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, मुख्य सर्वर से प्राप्त लेनदेन की प्रमाणित प्रतियां तथा गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी के विरुद्ध मजबूत साक्ष्य एकत्र किए।
जांच में यह सिद्ध पाया गया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से अपराध को अंजाम दिया। इसके आधार पर विशेष न्यायालय, रायपुर में अभियोजन की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
इस बहुचर्चित मामले में अब न्यायालयीन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिसमें प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि या अन्य आदेश पारित किए जाएंगे।