
कृषि विभाग बलौदा में जैविक किसान मेला एवं प्रशिक्षण सह प्रदर्शनी का हुआ भव्य आयोजन
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष 2025 के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम
NTN NEWS REPORT// बलौदा, 24 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर आज कृषि विभाग के तत्वावधान में कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखण्ड बलौदा के प्रांगण में जैविक किसान मेला एवं प्रशिक्षण सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान, कृषि विशेषज्ञ, विभागीय अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को जैविक खेती, फसल चक्र परिवर्तन, समन्वित खेती (कृषि सह पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी), दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन तकनीक तथा धान फसल में कीट एवं व्याधियों के नियंत्रण संबंधी समसामयिक जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि सतत् कृषि विकास के लिए जैविक खेती को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और किसानों की लागत में कमी आती है।
कार्यक्रम में कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं रेशम विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं एवं नवीनतम तकनीकी नवाचारों की जानकारी भी किसानों को प्रदान की गई। प्रदर्शनी स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों में किसानों को योजनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रीमती उमा देवी राठौर (जिला सदस्य), श्रीमती शारदा देवांगन (अध्यक्षा, जनपद पंचायत बलौदा), रमाकांत साहू (सांसद प्रतिनिधि), चूड़ामणि राठौर (जनपद सदस्य), रोशन पटेल (सभापति, कृषि स्थाई समिति बलौदा), श्रीमती संगीता गौतम (जनपद सदस्य) एवं अन्य जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
विभागीय अधिकारियों में एल. एम. भगत (उप संचालक कृषि), के. डी. महंत, रंजीत मोदी, प्रदीप सिंह (कृषि वैज्ञानिक), आर. के. सोनवानी (अनुविभागीय कृषि अधिकारी), मनीष कुमार मरकाम (सहायक संचालक कृषि), के. एल. मैत्री (सहायक पशु शल्य चिकित्सक), आर. बी. बघेल (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, पामगढ़), एन. के. दिनकर, एस. के. सोनी, वाय. के. राठौर (कृषि विकास अधिकारी), श्रीमती प्रियंका सिंह (ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी) तथा अन्य ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारीगण सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने विभागीय विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती की दिशा में प्रोत्साहित करना, नवीन तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना तथा विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाना रहा।