Advertisment
Advertisment
अन्य खबरेंभारत

‘ये कार्रवाई रुकनी नहीं चाहिए…’ ऑपरेशन सिंदूर पर विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी की पहली प्रतिक्रिया, रोते-रोते पति के लिए मांगा शहीद का दर्जा

Operation Sindoor: पाकिस्तान पर बीती रात को भारतीय सेना की तरफ से एयर स्ट्राइक पर पहलगाम हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी स्वामी नरवाल का रिएक्शन भी आया है. वह गुरुग्राम में अपने घर में एक मीडिया चैनल से बात कर रही थी.

NTN NEWS REPORT// गुरुग्राम. पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए हरियाणा के करनाल के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. गुरुग्राम में एक मीडिया चैनल से बातचीत में हिमांशी स्वामी नरवाल ने कहा कि मेरे हसबैंड ने इसलिए सेना ज्वाइन की थी कि देश में शांति हो और आतंकियों का खात्म किया जाए. इस बातचीत के दौरान हिमांशी के आंसू भी निकल आए. साथ ही उन्होंने अपने पति को शहीद का दर्जा देने की भी मांग भारत सरकार से की।

सोर्स सोशल मीडिया (फाइल फोटो)

हिमांशी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी और देश की सेना को धन्यवाद करती हैं. वह कहती हैं कि भारतीय सेना की ये कार्रवाई यहीं नहीं रुकनी चाहिए, वो चाहती हैं कि आतंकवाद का पूरी तरह से सफाया होना चाहिए. हिमांशी ने कहा कि चाहे उनके पति इस ऑपरेशन के दौरान जीवित नहीं हैं, लेकिन उनकी आत्मा यहीं थी. मुझे आशा और भगवान से यही उम्मीद है कि विनय की आत्मा की शांति मिली होगी और जिन लोगों ने मासूम लोगों की जान ली, परिवार खराब किए तो उन लोगों सख्त से सख्त सजा मिली है. हिमांशी ने कहा कि वह चाहती है कि आतंकवाद पूरी तरह से खत्म होना चाहिए, ताकि उनकी तरह ऐसे दौर से किसी दूसरे इंसान को ना गुजरना पड़े।

ऑपरेशन सिंदूर सही नाम है-हिमांशी 
एयर स्ट्राइक को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम देने पर हिंमाशी ने कहा कि यह नाम सही है, क्योंकि मैं इस नाम से काफी ज्यादा कनेक्ट करती हैं. क्योंकि मेरी तो अभी शादी हुई थी और मेरी तो जिंदगी छीन ली गई. एक सेकेंड में मेरी जिंदगी ऊपर से नीचे आ गई. जितने भी लोग पहलगाम में मारे गए, उनके पत्नी और परिवार ने बहुत कुछ सहा है. यह ऑपरेशन बताता है कि इस तरह का कुछ भविष्य में नहीं होना चाहिए, ताकि पत्नी और परिवार को दर्द से ना गुजरना पड़े।

महिलाओं को हर जगह मौका देना चाहिए : भारतीय सेना की महिला अफसरों के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शामिल होने पर हिमांशी कहती हैं कि महिलाओं को हर जगह मौका देना चाहिए. एक महिला ही दूसरी महिला का दर्द सहन कर सकती हैं. यह काफी अच्छा प्रयास है और उम्मीद है कि इस तरह ऑपरेशन में अन्य महिलाएं भी शामिल होंगी. एयर स्ट्राइक को लेकर रोते-रोते हिमांशी ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो जो कुछ हुआ उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है. लेकिन, बस उम्मीद है कि किसी के साथ भविष्य में ऐसा नहीं होता. हालांकि, मुझे शांति जरूर मिली है।

ट्रोलिंग पर बोली-लोगों की सोच नहीं बदल सकती : कश्मीरी और मुस्लिम को लेकर उनके एक बयान पर ट्रोलिंग पर उन्होंने कहा कि मैं किसी की सोच नहीं बदल सकती हूं. मैं इतना जानती हूं कि किसी इंसान के साथ गलत नहीं होना चाहिए. हिमांशी ने अपने पति विनय नरवाल को शहीद का दर्जा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि घटना के दौरान अगर मेरे पति के पास हथियार होता तो वह आतंकियों को जरूर जवाब देते. ऐसे में वह इस देश में सर्वोच्च सम्मान के हकदार हैं. घटना को याद करते हुए हिमांशी ने कहा कि पहलगाम में हमले के दौरान जब उनके पति को गोली मारी गई तो उन्होंने आतंकियों से सवाल किया था. लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. वह कहती हैं कि आतंकी पूरी तरह से सनकी थे।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
Back to top button
error: Content is protected !!