
NTN REPORT 14 FEB 2025// जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर को 1 लाख रू. रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी ने सरकार की मंशा के अनुरूप भ्रष्ट अधिकारियों पर अपनी कार्यवाही जारी रखते हुए आज जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जिला शिक्षा अधिकारी निजी विद्यालयों से शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाली राशि में से दस प्रतिशत रिश्वत की मांग कर रहा था। एक ओर जहां सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार का प्रयास करते हुए कई प्रकार की योजनाएं ला रही है बड़े बजट दे रही है पर ऐसे बड़े पदों में बैठे रिश्वतखोर अधिकारी सरकार की मंशा में पानी फेर रहे है।
प्राप्त जानकारी अनुसार उज्जवल प्रताप सिंह, रामरति पब्लिक स्कूल, सूरजपुर का संचालक है। उसके और जिले के अन्य 04 विद्यालयों (छ.ग. पब्लिक स्कूल दतिमा, सरस्वती बाल मंदिर सोनपुर, प्रिया बाल मंदिर भटगांव एवं लक्ष्मी विद्या निकेतन नरोला) के संचालकों द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत् अशासकीय विद्यालयों को मिलने वाले प्रतिपूर्ति की राशि में से 10 प्रतिशत के हिसाब से 2 लाख रू. की रिश्वत जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपूर राम ललित पटेल द्वारा मांग की जा रही है।
प्रार्थीगण रिश्वत नहीं देना चाहते थे बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडवाना चाहते थे। शिकायत सत्यापन दौरान 1,82,000 रू. में सहमति बनी। आज दिनांक 14.02.2025 को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से राम ललित पटेल को रिश्वती रकम की पहली किश्त 1 लाख रू. रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
आरोपी के स्वयं के तलाशी दौरान उसके पास से 2 लाख रू. अतिरिक्त प्राप्त हुआ है, जो अन्य स्कूलों के रिश्वत राशि के रूप में उसके द्वारा पहले से लिया गया था। उल्लेखनीय है कि जिला सूरजपुर के अशासकीय स्कूलों के संचालक जिला शिक्षा अधिकारी से त्रस्त होकर एकजुट होकर एसीबी में शिकायत किये थे।
प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। आरोपी के निवास स्थान की भी तलाशी जारी है।