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व्यापार जगत

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने रचा इतिहास, मिले 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन; 7.40 लाख करोड़ रुपये की लगी बोली

सब्सक्रिप्शन के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स ने बनाया नया रिकॉर्ड, 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ आईपीओ; 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट और 28 अक्टूबर को लिस्टिंग प्रस्तावित

NTN REPORT// मुंबई। जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल मचा दी है। निवेशकों की रिकॉर्डतोड़ भागीदारी के बीच इस आईपीओ को 1.38 करोड़ से अधिक आवेदन मिले हैं। आवेदन संख्या के मामले में इस आईपीओ ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं, लगभग 30,213 करोड़ रुपये के इस निर्गम के लिए एंकर निवेशकों सहित कुल करीब 7.40 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलने का दावा किया गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

तीन दिनों तक चली बोली प्रक्रिया के दौरान संस्थागत निवेशकों से लेकर खुदरा निवेशकों तक ने इसमें व्यापक दिलचस्पी दिखाई। अंतिम दिन मांग में तेजी आने के बाद आईपीओ कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब निवेशकों की नजर शेयरों के आवंटन और शेयर बाजार में कंपनी की लिस्टिंग पर टिकी है।

1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन, आईपीओ बाजार में बना नया रिकॉर्ड

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की सबसे बड़ी उपलब्धि आवेदनों की संख्या को माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस निर्गम को 1.38 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इस तरह इसने एक करोड़ आवेदनों के पुराने आंकड़े को पीछे छोड़ दिया।

इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलना निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर व्यापक दिलचस्पी का संकेत है। छोटे निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों तक ने इस निर्गम में भागीदारी की।

हालांकि, आवेदनों की संख्या और वास्तविक आवंटन पाने वाले निवेशकों की संख्या अलग-अलग होती है। इसलिए रिकॉर्ड आवेदन मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी आवेदकों को शेयर आवंटित होंगे।

30,213 करोड़ रुपये के आकार वाला आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ करीब 30,213 करोड़ रुपये के आकार का बताया गया है। दिए गए विवरण के मुताबिक, इसे भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

इस निर्गम की एक प्रमुख विशेषता इसका फ्रेश इश्यू होना है। फ्रेश इश्यू में कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाती है। इसके विपरीत, ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) में मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचते हैं।

इस प्रकार के निर्गम से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी द्वारा निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाता है। निवेशकों के लिए कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और निर्गम से जुटाई जाने वाली राशि के प्रस्तावित उपयोग को समझना महत्वपूर्ण होता है।

महज 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को शुरुआत से ही निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया मिली।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर को बोली प्रक्रिया शुरू होने के महज 100 मिनट के भीतर आईपीओ पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।

सब्सक्रिप्शन का घटनाक्रम इस प्रकार रहा:

  • पहला दिन: आईपीओ 3.16 गुना सब्सक्राइब हुआ।
  • दूसरा दिन: सब्सक्रिप्शन बढ़कर 5.57 गुना पहुंच गया।
  • तीसरा दिन: निवेशकों की मांग में तेजी आई और अंतिम सब्सक्रिप्शन 22.19 गुना दर्ज किया गया।

तीन दिनों के दौरान सब्सक्रिप्शन में हुई यह वृद्धि निवेशकों की मजबूत भागीदारी को दर्शाती है। हालांकि, किसी आईपीओ का अधिक सब्सक्राइब होना अपने आप में भविष्य में शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं है।

7.40 लाख करोड़ रुपये की बोलियां, संस्थागत निवेशकों की बड़ी भागीदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेशकों की ओर से लगाई गई बोलियों का कुल आकार भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा।

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, गैर-एंकर निवेशकों से करीब 4.90 लाख करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं, जबकि एंकर निवेशकों की ओर से लगभग 2.50 लाख करोड़ रुपये की मांग दिखाई गई। दोनों को मिलाकर कुल बोलियों का आंकड़ा करीब 7.40 लाख करोड़ रुपये बताया गया है।

यहां यह समझना जरूरी है कि बोलियों का कुल मूल्य कंपनी को वास्तव में प्राप्त होने वाली राशि के बराबर नहीं होता। आईपीओ में प्राप्त बोलियां निवेशकों की मांग को दर्शाती हैं, जबकि कंपनी को निर्गम के निर्धारित आकार के अनुसार ही राशि मिलती है।

संस्थागत निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी

योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) की श्रेणी में भी मजबूत मांग दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस श्रेणी में करीब 3.87 लाख करोड़ रुपये की बोलियां आईं और यह हिस्सा 70.55 गुना सब्सक्राइब हुआ।

गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) की श्रेणी में भी लगभग 14 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।

संस्थागत निवेशकों की ओर से आई इस मांग ने आईपीओ की चर्चा को और तेज कर दिया। हालांकि, संस्थागत निवेशकों की भागीदारी को कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन की निश्चित गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

खुदरा निवेशकों ने भी दिखाई दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में छोटे निवेशकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, खुदरा निवेशकों के लिए करीब 8.5 करोड़ शेयर उपलब्ध थे, जबकि 23 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।

इस आधार पर खुदरा निवेशकों की श्रेणी में लगभग 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।

इसके अलावा, रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों के लिए निर्धारित श्रेणी में 7.60 गुना और कर्मचारियों के लिए आरक्षित श्रेणी में 2.93 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि आईपीओ में अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों ने रुचि दिखाई। हालांकि, अंतिम आवंटन निर्धारित नियमों और संबंधित श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के आधार पर किया जाएगा।

अब अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर निवेशकों की नजर

रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन के बाद अब निवेशकों की निगाहें जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर आवंटन और शेयर बाजार में उसकी शुरुआत पर टिकी हैं।

दिए गए कार्यक्रम के अनुसार:

  • 26 अक्टूबर 2026: शेयर आवंटन प्रस्तावित।
  • 28 अक्टूबर 2026: शेयर बाजार में लिस्टिंग प्रस्तावित।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे शेयर आवंटन और लिस्टिंग से संबंधित अंतिम तारीखों की पुष्टि आधिकारिक सूचना से करें। आईपीओ में आवेदन करने वाले निवेशक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवंटन की स्थिति की जांच कर सकेंगे।

क्या रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन से मिलेगा लिस्टिंग पर फायदा?

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिली भारी मांग ने बाजार में उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि, किसी आईपीओ में रिकॉर्ड आवेदन आना या उसका कई गुना सब्सक्राइब होना इस बात की गारंटी नहीं है कि लिस्टिंग के दिन निवेशकों को मुनाफा ही होगा।

लिस्टिंग के समय शेयर का प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों, कंपनी के मूल्यांकन, निवेशकों की मांग और अन्य आर्थिक कारकों पर निर्भर करता है।

इसलिए निवेशकों को केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, जोखिमों और आईपीओ दस्तावेजों का अध्ययन करना चाहिए।

निवेश संबंधी सावधानी: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार निर्णय करें।

अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले संबंधित कंपनी और शेयर बाजार की आधिकारिक सूचनाओं की पुष्टि अवश्य करें।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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