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फारूक अब्दुल्ला का बयान—‘पाकिस्तान कर रहा हमारी रक्षा’, बीजेपी ने घेरा; सार्वजनिक माफी की मांग

बारामूला की रैली में केंद्र सरकार पर साधा निशाना, अनुच्छेद-370 की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान; बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा—भारत की जनता से माफी मांगें फारूक अब्दुल्ला

NTN REPORT// नई दिल्ली/बारामूला। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान से सियासी विवाद खड़ा हो गया है। बारामूला में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठा रहा है और इस तरह वह कश्मीर के मुद्दे पर हमारी रक्षा कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार के इरादों पर भी सवाल उठाए। उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

फारुख अब्दुल्ला (फाइल फोटो)

फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के इरादों पर उठाए सवाल

बारामूला में शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से न्याय की उम्मीद करना कितना उचित है, इस पर लोगों को विचार करना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने अधिकारों और पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि यदि लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ने का साहस नहीं दिखाएंगे, तो उनकी पहचान समाप्त होने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार के इरादे जम्मू-कश्मीर के हितों के अनुकूल नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण चुप है, जबकि पाकिस्तान लगातार विभिन्न मंचों पर कश्मीर के मुद्दे को उठाता रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने पाकिस्तान को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई।

अनुच्छेद-370 की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान

फारूक अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद-370 का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विशेष दर्जे की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

अब्दुल्ला ने भरोसा जताया कि एक दिन जम्मू-कश्मीर को उसका विशेष दर्जा वापस मिल सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने की अपील की।

अनुच्छेद-370 लंबे समय से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस जहां इसकी बहाली की मांग करती रही है, वहीं बीजेपी इसे हटाए जाने को महत्वपूर्ण राजनीतिक और संवैधानिक निर्णय बताती है।

मुसलमानों से एकजुट होने की अपील

अपने संबोधन के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने देश के मुसलमानों से एकजुट होने की अपील भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को जानबूझकर हाशिए पर धकेलने की कोशिश की जा रही है।

अब्दुल्ला ने बीजेपी शासित कुछ राज्यों में मुसलमानों की संपत्तियों, दुकानों, मकानों और धार्मिक स्थलों पर की गई कथित तोड़फोड़ को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने समुदाय के लोगों से ऐसी प्रशासनिक कार्रवाइयों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने उन राजनीतिक लोगों पर भी सवाल उठाए, जो मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद सत्ताधारी दल का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना था कि समुदाय की एकता और संवैधानिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा का पलटवार

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष सत शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है और इसी स्वतंत्रता के कारण फारूक अब्दुल्ला इस तरह के बयान दे पा रहे हैं।

शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि यदि फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान में इसी तरह की बातें कही होतीं, तो संभव है कि वहां उन्हें ऐसी स्वतंत्रता नहीं मिलती।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अनुच्छेद-370 का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लागू रहने के दौरान जम्मू-कश्मीर के लोगों को इससे क्या लाभ मिला, इस पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस व्यवस्था में महिलाओं के अधिकार प्रभावित हुए थे।

उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के मुसलमान भी जानते हैं कि वे भारत में सुरक्षित हैं। शर्मा ने कहा कि बीजेपी इस तरह के बयानों को स्वीकार नहीं करेगी।

बीजेपी ने मांगी सार्वजनिक माफी, पाकिस्तान जाने की दी नसीहत

सत शर्मा ने फारूक अब्दुल्ला से भारत की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान नहीं दिए जाने चाहिए।

उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि फारूक अब्दुल्ला अपनी बातों के लिए माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके लिए पाकिस्तान जाकर बसना बेहतर होगा।

बीजेपी की इस प्रतिक्रिया के बाद फारूक अब्दुल्ला के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज होने की संभावना है। हालांकि, इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के बयानों और आरोपों को उनके संबंधित राजनीतिक दृष्टिकोण के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

कश्मीर का मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में

फारूक अब्दुल्ला के बयान और बीजेपी की प्रतिक्रिया ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में अनुच्छेद-370, विशेष दर्जे और केंद्र सरकार की नीतियों से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

एक ओर नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली की मांग को लेकर अपना रुख दोहरा रही है, वहीं बीजेपी अनुच्छेद-370 हटाने के फैसले का समर्थन करते हुए इसे सही ठहराती रही है।

फिलहाल, फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

अस्वीकरण: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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