
ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी में वृक्षारोपण अभियान, 200 विद्यार्थियों ने लगाए फलदार व छायादार पौधे
NTN REPORT// जांजगीर। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, बनारी में शनिवार, 4 जुलाई 2026 को वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था संचालक आलोक अग्रवाल, डॉ. गिरिराज गढ़ेवाल एवं प्राचार्या सोनाली सिंह के निर्देशन में आयोजित इस अभियान में कक्षा 1 से 5 तक के लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया।
विद्यालय परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के पौधे
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कटहल, अमरूद, बादाम, नींबू, नीम एवं गुलमोहर सहित कई उपयोगी एवं पर्यावरण हितैषी पौधे लगाए। इस अवसर पर बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए आने वाले वर्षों में पौधों की देखभाल करने और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का भी वचन दिया।
इको क्लब ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विद्यालय के इको क्लब से जुड़े शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज लगाया गया एक पौधा, आने वाले कल का सुरक्षित जीवन है।” उन्होंने बच्चों को पौधों के महत्व, स्वच्छ पर्यावरण, जलवायु संतुलन तथा हरियाली बढ़ाने में वृक्षों की भूमिका के बारे में सरल एवं प्रेरणादायक जानकारी दी।
प्रेरक नारों से गूंजा विद्यालय परिसर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने “एक पेड़ – एक जीवन” तथा “हरित धरती, स्वस्थ भविष्य” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वृक्षारोपण अभियान के दौरान विद्यालय परिसर बच्चों के उत्साह और हरियाली से जीवंत नजर आया।
जन्मदिन पर पौधारोपण की अनूठी पहल
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल के वार्षिक प्रोजेक्ट के तहत इको क्लब का गठन किया गया है, जिसमें शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मिलकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करते हैं। विद्यालय की विशेष पहल के तहत प्रत्येक छात्र अपने जन्मदिन के अवसर पर एक पौधा लगाता है और उसकी नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाता है।
पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि वृक्ष जल, जीवन और स्वच्छ वायु के मूल स्रोत हैं तथा प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।