सोने-चांदी में फिर लौटी तेजी: एक हफ्ते में सोना ₹7,000 और चांदी ₹16,000 उछली, चीन की बढ़ती मांग और अमेरिकी आंकड़ों का असर!
NTN REPORT// भारत में कुछ समय तक मांग कमजोर रहने के कारण सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली थी, लेकिन अब घरेलू और वैश्विक बाजार में एक बार फिर सोना-चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। पिछले एक सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में करीब ₹7,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी में लगभग ₹16,000 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में बढ़ती खरीदारी और अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है।

घरेलू बाजार में सोना ₹1.47 लाख के पार
शुक्रवार को बुलियन बाजार में सोने की कीमत लगभग ₹2,000 बढ़कर ₹1,47,773 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। इससे पहले मंगलवार को सोने का भाव करीब ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ गया था। यानी कुछ ही दिनों में कीमतों में लगभग ₹7,000 की रिकवरी दर्ज की गई है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ज्वेलर्स फिलहाल खरीदारी तो कर रहे हैं, लेकिन कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए वे सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूत हुआ सोना
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। स्पॉट गोल्ड की कीमत 4,184.75 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है, जबकि अगस्त डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर का भाव 4,197.20 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। यह पिछले पांच सप्ताह में पहली बार है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
सोने की कीमतें क्यों बढ़ीं?
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़ों ने सोने को मजबूती दी है।
अमेरिकी श्रम विभाग के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक जून महीने में नॉन-फार्म पेरोल में केवल 57,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जो बाजार की उम्मीद से कम रहीं। इसके बाद निवेशकों को यह उम्मीद बढ़ी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी नहीं करेगा। कम ब्याज दरों की संभावना आमतौर पर सोने जैसी सुरक्षित निवेश परिसंपत्तियों के लिए सकारात्मक मानी जाती है।
चीन में बढ़ी खरीदारी ने भी दिया सहारा
सोने की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह चीन में बढ़ती मांग भी मानी जा रही है।
इस सप्ताह चीन में सोना अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले कभी समान भाव पर तो कभी करीब 2 डॉलर प्रति औंस के डिस्काउंट पर बिकता रहा। पिछले सप्ताह यह डिस्काउंट 3 से 7 डॉलर प्रति औंस तक था। डिस्काउंट में कमी इस बात का संकेत है कि खरीदार पहले की तुलना में अधिक सक्रिय हुए हैं, जिसके कारण विक्रेताओं को ज्यादा छूट देने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
चांदी में भी जबरदस्त उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले करीब एक सप्ताह के दौरान चांदी के दाम में लगभग ₹16,000 प्रति किलोग्राम की तेजी आई है। कमोडिटी बाजार में दोनों कीमती धातुओं में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से यह तेजी देखने को मिल रही है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि सोना और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों को कीमतों में अचानक आई तेजी देखकर एकमुश्त बड़ी खरीदारी करने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि निवेश का लक्ष्य लंबी अवधि का है, तो बाजार में गिरावट आने पर चरणबद्ध तरीके से सोना और चांदी को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया जा सकता है। छोटे निवेशकों के लिए गोल्ड और सिल्वर ETF में SIP के माध्यम से निवेश करना भी एक बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है। निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।