RBI के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू घटी, लेकिन सोना नहीं बेचा गया; गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अफवाहों को किया खारिज
RBI की साप्ताहिक रिपोर्ट से उठा सवाल, फिर आया स्पष्टीकरण
NTN REPORT// भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताजा साप्ताहिक रिपोर्ट में 29 मई 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान देश के स्वर्ण भंडार (Gold Reserve) की वैल्यू में 2.19 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई कि कहीं RBI ने अपने सोने के भंडार का कुछ हिस्सा बेच तो नहीं दिया। हालांकि, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इन अटकलों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक ने कोई सोना नहीं बेचा है और उसके स्वर्ण भंडार में मामूली वृद्धि हुई है।

2.19 अरब डॉलर घटी गोल्ड रिजर्व की वैल्यू
RBI के आंकड़ों के अनुसार, 29 मई 2026 तक भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य 112.60 अरब डॉलर रहा। इससे पिछले सप्ताह की तुलना में इसमें 2.19 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, इसी अवधि में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में 3.12 अरब डॉलर की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 546.15 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे देश की कुल विदेशी मुद्रा स्थिति मजबूत बनी रही।
वैल्यू घटी, सोने की मात्रा नहीं
RBI ने स्पष्ट किया है कि गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में आई गिरावट का मतलब यह नहीं है कि सोना बेचा गया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, सोने के भंडार का मूल्यांकन हर सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर के आधार पर किया जाता है।
ऐसे में यदि वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट आती है या मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव होता है, तो भंडार का कुल मूल्य कम दिखाई दे सकता है, जबकि वास्तविक सोने की मात्रा में कोई बदलाव नहीं होता।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर ने दिया स्पष्ट जवाब
मौद्रिक नीति (Monetary Policy) की घोषणा के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा कि केंद्रीय बैंक ने कोई सोना नहीं बेचा है।
उन्होंने कहा कि RBI के स्वर्ण भंडार में मामूली बढ़ोतरी हुई है और सोने की बिक्री संबंधी खबरों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के बाद बढ़ी थीं अटकलें
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब ब्लूमबर्ग की एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में संकेत दिया गया कि 22 मई 2026 को समाप्त दो सप्ताह की अवधि के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा गया हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि इसी अवधि में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि हुई थी, जिससे यह संभावना जताई गई कि RBI ने रुपये को समर्थन देने या विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत करने के लिए स्वर्ण भंडार का उपयोग किया होगा।
हालांकि RBI ने इस विश्लेषण को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उसके पास मौजूद सोने का भौतिक भंडार (Physical Gold Reserve) 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है।
880.52 टन पर कायम है भारत का गोल्ड रिजर्व
केंद्रीय बैंक ने जोर देकर कहा कि सोने के भंडार की रिपोर्टेड वैल्यू और वास्तविक सोने की मात्रा को अलग-अलग समझना जरूरी है।
RBI के अनुसार, उसके पास मौजूद कुल स्वर्ण भंडार 880.52 टन है और इसमें कोई कमी नहीं आई है। इसलिए वैल्यू में उतार-चढ़ाव को सोने की खरीद-बिक्री से जोड़ना गलत होगा।
PIB ने भी बताया फर्जी दावा
सरकार की फैक्ट-चेकिंग एजेंसी PIB ने भी RBI द्वारा सोना बेचने की खबरों का खंडन किया है।
PIB ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की बढ़ती हिस्सेदारी
- सितंबर 2025 के अंत तक: 13.92%
- 31 मार्च 2026 तक: 16.70%
- 22 मई 2026 तक: 16.85%
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि RBI की रिजर्व रणनीति में सोने की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
RBI के स्वर्ण भंडार की वैल्यू में आई 2.19 अरब डॉलर की गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों और मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव का परिणाम है। केंद्रीय बैंक ने न तो सोना बेचा है और न ही उसके भौतिक स्वर्ण भंडार में कोई कमी आई है। RBI के पास अब भी 880.52 टन सोना सुरक्षित है और देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।