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राजनीति

झामुमो ने बैद्यनाथ राम को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, महागठबंधन में सीट विवाद फिलहाल थमा

NTN REPORT// रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर चल रहा सीट बंटवारे का विवाद फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यसभा चुनाव के लिए लातेहार के पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इस फैसले के साथ अब राज्यसभा की दो सीटों पर महागठबंधन की ओर से कांग्रेस और झामुमो के एक-एक उम्मीदवार मैदान में होंगे।

फाइल फोटो

झामुमो के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने उम्मीदवार के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि बैद्यनाथ राम पार्टी के समर्पित और अनुभवी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के मुद्दों को मजबूती से उठाया है तथा संगठन को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

कांग्रेस से बढ़ी नाराजगी के बीच झामुमो का बड़ा फैसला

राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और झामुमो के बीच पिछले कुछ दिनों से मतभेद देखने को मिल रहे थे। कांग्रेस ने पहले ही प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। झामुमो नेताओं का आरोप था कि कांग्रेस ने गठबंधन सहयोगी दल को विश्वास में लिए बिना उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी।

इससे नाराज झामुमो ने संकेत दिए थे कि वह दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। यदि ऐसा होता तो कांग्रेस उम्मीदवार की जीत मुश्किल हो सकती थी और महागठबंधन में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो सकता था। हालांकि अब झामुमो द्वारा केवल एक उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद दोनों दलों के बीच टकराव की स्थिति फिलहाल टल गई है।

8 जून को होगा नामांकन, हेमंत सोरेन रहेंगे मौजूद

सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि बैद्यनाथ राम 8 जून को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल कांग्रेस और राजद सहित अन्य सहयोगी दलों का समर्थन झामुमो उम्मीदवार को मिलेगा। सीट बंटवारे को लेकर कुछ मतभेद अवश्य थे, लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और गठबंधन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है।

प्रणव झा ने खरीदा नामांकन पत्र

इधर कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार प्रणव झा ने शनिवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए नामांकन पत्र खरीद लिया।

इस अवसर पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षकेशव महतो कमलेश, विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मंत्री दीपिका पाण्डे सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, कांग्रेस नेता सतीष पौल, रियाज अंसारी, सुल्तान अहमद तथा उज्ज्वल प्रकाश तिवारी सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

विधानसभा का गणित महागठबंधन के पक्ष में

झारखंड विधानसभा के वर्तमान आंकड़ों के अनुसार महागठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 तथा वाम दलों के 2 विधायक शामिल हैं।

वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास भाजपा के 21, आजसू के 1, जदयू के 1 और लोजपा के 1 विधायक हैं। इसके अतिरिक्त एक निर्दलीय विधायक भी विधानसभा में मौजूद हैं।

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में महागठबंधन के पास दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है।

महागठबंधन में फिलहाल बनी सहमति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झामुमो द्वारा केवल एक उम्मीदवार उतारने का फैसला महागठबंधन की एकजुटता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे कांग्रेस और झामुमो के बीच बढ़ती दूरी पर फिलहाल विराम लगा है। अब सभी की नजर 8 जून को होने वाले नामांकन और आगामी राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर रहेगी, जहां महागठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में दिखाई दे रहा है।

यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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