दीपिका पादुकोण की सफलता का राज़ क्या है? पिता प्रकाश पादुकोण ने खोले अनुशासन, खेल और मानसिक मजबूती के राज
खेल ने बनाया दीपिका को अनुशासित और सफल, पिता प्रकाश पादुकोण का बड़ा खुलासा
NTN REPORT// बॉलीवुड की सुपरस्टार दीपिका पादुकोण आज भले ही फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हों, लेकिन उनकी इस कामयाबी के पीछे वर्षों का अनुशासन, मेहनत और खेल से मिली सीख छिपी हुई है। यह खुलासा उनके पिता और भारत के महान बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण ने एक पॉडकास्ट में किया।


प्रकाश पादुकोण ने बताया कि दीपिका की सफलता केवल अभिनय प्रतिभा का परिणाम नहीं है, बल्कि खेलों ने उनके व्यक्तित्व को इस तरह गढ़ा कि वह हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हो सकीं।
बचपन से ही था अनुशासित जीवन
‘समथिंग बिगर शो’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान प्रकाश पादुकोण ने बताया कि दीपिका बचपन में एक बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी थीं और राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि दीपिका रोज सुबह 5 बजे उठकर अकादमी में ट्रेनिंग के लिए जाती थीं। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह सीधे स्कूल पहुंचती थीं। इस दिनचर्या ने उन्हें समय का महत्व, अनुशासन और लक्ष्य पर फोकस करना सिखाया।
प्रकाश पादुकोण के अनुसार, खेल ने दीपिका को केवल शारीरिक रूप से मजबूत नहीं बनाया, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद मजबूत बनाया। यही गुण आगे चलकर उनके फिल्मी करियर में काम आए।
बच्चों के विकास में खेलों की भूमिका बेहद अहम
प्रकाश पादुकोण ने आज के माता-पिता को भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कई अभिभावक खेलों को केवल मनोरंजन या अतिरिक्त गतिविधि समझते हैं, जबकि खेल बच्चों को जीवनभर काम आने वाले महत्वपूर्ण गुण सिखाते हैं।
उनके मुताबिक, खेल बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, धैर्य और कठिन परिस्थितियों से लड़ने का साहस विकसित करते हैं। यही कारण है कि वे हमेशा बच्चों को खेलों से जोड़ने की सलाह देते हैं।
दीपिका के डिप्रेशन ने परिवार को भी बहुत कुछ सिखाया
बातचीत के दौरान प्रकाश पादुकोण ने वर्ष 2015 का वह दौर भी याद किया जब दीपिका ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने डिप्रेशन के बारे में खुलकर बात की थी।
उन्होंने बताया कि इस विषय पर सार्वजनिक बयान देने से पहले दीपिका ने अपने परिवार के साथ लंबी चर्चा की थी। उस कठिन समय में उनकी मां ने उन्हें सबसे अधिक भावनात्मक सहयोग दिया।
प्रकाश पादुकोण का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना समाज के लिए बेहद जरूरी है। यदि कोई प्रसिद्ध व्यक्ति अपनी कहानी साझा करके दूसरों की मदद कर सकता है, तो उसे ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य को सबसे ऊपर रखना जरूरी
प्रकाश पादुकोण ने कहा कि दीपिका के अनुभवों से उन्होंने स्वयं भी बहुत कुछ सीखा। उन्होंने महसूस किया कि मानसिक स्वास्थ्य को जीवन में सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अच्छी नींद, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव को नियंत्रित करने के सही तरीके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक हैं। ये सभी चीजें एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी होती हैं और स्वस्थ जीवन की आधारशिला बनाती हैं।
‘लिव लव लाफ’ फाउंडेशन के जरिए जागरूकता अभियान
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दीपिका पादुकोण ने वर्ष 2015 में लिव लव लाफ फाउंडेशन की स्थापना की थी।
यह संस्था मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने, लोगों को सहायता उपलब्ध कराने और समाज में मौजूद झिझक को खत्म करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
प्रेग्नेंसी के दौरान लाइमलाइट से दूर, लेकिन बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार
इन दिनों दीपिका पादुकोण अपनी निजी जिंदगी और परिवार पर ध्यान दे रही हैं तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही हैं। हालांकि उनके आने वाले फिल्मी प्रोजेक्ट्स लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका जल्द ही शाहरुख खान के साथ फिल्म King में नजर आएंगी, जिसकी रिलीज को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। इसके अलावा वह के अल्लु अर्जुन साथ फिल्म Raka में भी दिखाई देंगी, जिसका निर्देशन एटली कुमार कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस बड़े एक्शन और सुपरहीरो शैली के प्रोजेक्ट में दीपिका एक दमदार और एक्शन से भरपूर किरदार में नजर आएंगी।
प्रकाश पादुकोण की बातों से साफ है कि दीपिका पादुकोण की सफलता केवल स्टारडम या किस्मत का परिणाम नहीं है। खेलों से मिला अनुशासन, कठिन परिश्रम, मानसिक मजबूती और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण उनकी सफलता की असली नींव है। यही कारण है कि वह न केवल बॉलीवुड की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल हैं, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा भी बनी हुई हैं।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।