NTN REPORT// भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली दौरे के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और इटली के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का ऐलान किया। दोनों नेताओं ने ‘जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ की घोषणा करते हुए रक्षा, अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लू इकोनॉमी और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक अपग्रेड करने का फैसला किया है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देगा। उन्होंने इटली सरकार और प्रधानमंत्री मेलोनी द्वारा भारतीय प्रतिनिधिमंडल के भव्य स्वागत के लिए आभार भी व्यक्त किया।
‘दो प्राचीन सभ्यताओं’ का मिलन
पीएम मोदी ने कहा कि रोम को दुनिया में “इटरनल सिटी” के रूप में जाना जाता है, जबकि भारत में काशी को भी अनादि और शाश्वत नगर माना जाता है। उन्होंने कहा कि जब दो प्राचीन सभ्यताएं मिलती हैं तो बातचीत केवल एजेंडा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसमें इतिहास की गहराई, भविष्य की दृष्टि और मित्रता की सहजता भी दिखाई देती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों में उन्हें कई बार प्रधानमंत्री मेलोनी से मिलने का अवसर मिला है, जो भारत-इटली संबंधों की गहराई और बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
‘जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और इटली ने ‘जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि यह योजना दोनों देशों की साझेदारी को व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख ढांचा प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि दोनों देश तय समयसीमा के भीतर इस योजना को लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी के अनुसार, भारत और इटली के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और दोनों देश 20 बिलियन यूरो के व्यापार लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
भारत की ग्रोथ स्टोरी में शामिल 800 से ज्यादा इटालियन कंपनियां
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में मौजूद 800 से अधिक इटालियन कंपनियां भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बन रही हैं। उन्होंने कहा कि बिजनेस फोरम में दोनों देशों के उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स के बीच नए उत्साह, नए विश्वास और नई महत्वाकांक्षा का माहौल देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि इटली दुनिया में डिजाइन और प्रिसिजन के लिए जाना जाता है, जबकि भारत स्केल, टैलेंट और अफोर्डेबल इनोवेशन का पावरहाउस है। दोनों देश “डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली, एंड डिलीवर फॉर द वर्ल्ड” के सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे।
AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और स्पेस सेक्टर में सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन भारत-इटली साझेदारी का प्रमुख इंजन बनेंगे। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
दोनों देशों के स्टार्टअप्स, रिसर्च सेंटर्स और उद्योगों को जोड़ने के लिए ‘इंडिया-इटली इनोवेशन सेंटर’ पर काम किया जा रहा है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग दोनों देशों के गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के साथ-साथ रक्षा उद्योगों के बीच भी सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के जरिए को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन का रास्ता खुला है। समुद्री शक्तियों के रूप में भारत और इटली कनेक्टिविटी, शिपिंग मॉडर्नाइजेशन, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।
अफ्रीका में भी साथ काम करेंगे भारत और इटली
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली अपनी साझेदारी को तीसरे देशों तक भी ले जाने पर सहमत हुए हैं। इस दिशा में अफ्रीका में ठोस परियोजनाओं पर मिलकर काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक विकास और स्थिरता में भी योगदान देगी।
आतंकवाद पर सख्त संदेश
आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली दोनों इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ दोनों देशों की साझा पहल दुनिया के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण बन रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की निंदा नहीं करते, बल्कि उसके वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस कदम भी उठाते हैं।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर भारत का रुख स्पष्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भारत लगातार संपर्क बनाए हुए है और उसका स्पष्ट मत है कि हर समस्या का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत शांति, स्थिरता और बातचीत के रास्ते को ही सबसे प्रभावी मानता है।
अगले साल मनाया जाएगा ‘ईयर ऑफ कल्चर’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली के लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं। इटली में भारतीय कला, योग, आयुर्वेद और भारतीय खानपान के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्कृत और लैटिन जैसी प्राचीन भाषाएं एक ही भाषा परिवार से आती हैं, जो दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक रिश्तों को दर्शाती हैं।
पीएम मोदी ने घोषणा की कि अगले वर्ष भारत और इटली के संबंधों की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘ईयर ऑफ कल्चर’ मनाया जाएगा, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने इटली में रह रहे भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के रिश्तों की जीवंत कड़ी बताया। उन्होंने उनकी देखभाल के लिए प्रधानमंत्री मेलोनी और इटली की जनता का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पहले हुए ‘माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट’ के बाद दोनों देशों के लोगों के बीच आवाजाही बढ़ी है और यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।