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खेल

IPL 2026 में ‘साइलेंट किलर’ बने हेनरिक क्लासेन, इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ने के बाद भी नहीं थम रहा रन मशीन का तूफान

NTN REPORT// दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन एक बार फिर दुनिया भर के क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. करीब 11 महीने पहले इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी क्लासेन का बल्ला लगातार आग उगल रहा है. खासकर IPL 2026 में उनका प्रदर्शन उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक टी20 बल्लेबाजों की सूची में बनाए हुए है।

फाइल फोटो

33 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़कर चौंकाया था

जब क्लासेन ने महज 33 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था, तब क्रिकेट जगत हैरान रह गया था. उस समय वह दुनिया के सबसे खतरनाक वनडे बल्लेबाजों में गिने जाते थे. उनकी तुलना रोहित शर्मा, विराट कोहली और डेविड वॉर्नर जैसे दिग्गज बल्लेबाजों से हो रही थी.

हालांकि सबसे खास बात यह थी कि क्लासेन इन खिलाड़ियों की तुलना में कहीं ज्यादा आक्रामक स्ट्राइक रेट से रन बना रहे थे. सीमित ओवर क्रिकेट में स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी को सबसे खतरनाक माना जाता रहा है.

IPL 2026 में ऑरेंज कैप होल्डर बने क्लासेन

सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल रहे क्लासेन इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं. वह फिलहाल ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं. 13 मैचों में 555 रन बनाकर उन्होंने अपनी टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई है.

50 से ज्यादा की औसत और 150 से ऊपर के स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी कर रहे क्लासेन लगातार मैच विनिंग पारियां खेल रहे हैं. यही वजह है कि टी20 क्रिकेट में आज भी उनका नाम सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में लिया जाता है.

SRH ने समय रहते पहचान ली थी क्लासेन की कीमत

सनराइजर्स हैदराबाद ने क्लासेन की क्षमता को काफी पहले पहचान लिया था. फ्रेंचाइजी ने उन्हें करीब 6.4 लाख अमेरिकी डॉलर में अपनी टीम से जोड़ा था. लेकिन अगले दो सीजन में क्लासेन ने खुद को टीम का सबसे भरोसेमंद मैच विनर साबित कर दिया.

इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें तब मिला जब SRH ने उन्हें लगभग 27.4 लाख अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष के बड़े कॉन्ट्रैक्ट पर तीन साल के लिए रिटेन किया. फ्रेंचाइजी का यह फैसला अब पूरी तरह सही साबित होता दिखाई दे रहा है.

फ्रेंचाइजी क्रिकेट की ओर बढ़ता नया ट्रेंड

क्लासेन का इंटरनेशनल क्रिकेट से जल्दी संन्यास लेना इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि अब कई एलीट खिलाड़ी राष्ट्रीय टीमों की बजाय फ्रेंचाइजी क्रिकेट को प्राथमिकता दे रहे हैं.

दुनिया भर में बढ़ती टी20 लीग, भारी कॉन्ट्रैक्ट और कम दबाव वाले क्रिकेट शेड्यूल ने खिलाड़ियों को नई दिशा दी है. क्लासेन भी अब उसी रास्ते पर आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं.

ETPL और रॉटरडैम प्रोजेक्ट पर रहेगा पूरा फोकस

हाल ही में क्लासेन ने स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा ध्यान ETPL यानी यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग और रॉटरडैम टीम को सफल बनाने पर है.

उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का नया अध्याय है और अब उनका लक्ष्य क्रिकेट को नई जगहों तक पहुंचाना है. क्लासेन के मुताबिक वह एक मजबूत प्रोफेशनल सेटअप तैयार करना चाहते हैं, जिससे स्थानीय कम्युनिटी टीम के साथ जुड़ सके और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए क्रिकेट को नई पहचान मिल सके.

सिर्फ खिलाड़ी नहीं, क्रिकेट के ग्लोबल एंबेसडर बनना चाहते हैं क्लासेन

क्लासेन के बयान से साफ है कि वह अब सिर्फ मैदान पर रन बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहते. उनकी कोशिश क्रिकेट को नए देशों और नए बाजारों तक पहुंचाने की भी है.

फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव के बीच क्लासेन जैसे खिलाड़ी अब ग्लोबल क्रिकेट मॉडल का अहम चेहरा बनते जा रहे हैं.

26 गेंदों में 47 रन, फिर दिखाया ‘साइलेंट किलर’ वाला अंदाज

सोमवार 18 मई को खेले गए मुकाबले में भी क्लासेन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का नमूना पेश किया. टीम के सामने 181 रन का लक्ष्य था और स्कोर 56/2 हो चुका था. ऐसे दबाव वाले समय में क्लासेन ने 26 गेंदों पर 47 रन की तेज पारी खेली.

उनकी इस पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. मैदान पर भले ही वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों को ज्यादा सुर्खियां मिलती हों, लेकिन क्लासेन लगातार चुपचाप मैच बदलने का काम कर रहे हैं.यही वजह है कि उन्हें अब IPL का ‘साइलेंट किलर’ कहा जाने लगा है.

यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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